कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा था। पाकिस्तान के कसूर (लाहौर) में बैठा साजिद जट्ट ही मुख्य हैंडलर था। उसने तीनों आतंकियों से लगातार संपर्क बनाए रखा, उन्हें रियल टाइम में निर्देश दिए और हमले वाली जगह बैसरन घाटी की लोकेशन भेजी। हमले के दौरान भी वह लगातार उनसे बात कर रहा था। पैर में गोली लगने के कारण साजिद नकली पैर लगाता है। 2005 में वह सीमा पार कर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में घुसा था। 15 दिसंबर, 2025 को दाखिल चार्जशीट की डिटेल्स अब सामने आई हैं। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6 किमी दूर बायसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट्स की मौत हुई थी। 16 लोग घायल हुए थे। लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था। टूरिस्ट गाइड बताते तो हमला नहीं होता NIA चार्जशीट के मुताबिक टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार वक्त रहते जानकारी देते तो हमला को टाला जा सकता था। दोनों गाइड ने आतंकियों को बैसरन में देखा था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को नहीं बताया। दोनों गाइड्स गिरफ्तार हो चुके हैं। हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकियों ने गाइड परवेज की झोपड़ी में खुदा के नाम पर मदद मांग कर खाना खाया। जाते वक्त रोटी-सब्जी भी साथ ले गए थे। तीनों आतंकियों ने फायरिंग से पहले बैसरन घाटी में एक पेड़ के नीचे खाना खाया। वारदात के बाद तीनों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हर्ष फायरिंग भी की थी। चार्जशीट के मुताबिक यह हमला धर्म के आधार पर टारगेटेड मर्डर का है, जिसमें 25 टूरिस्ट और एक लोकल की मौत हुई। 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी आरोपी बनाया है। जेड मोड़ टनल पर हमले में भी शामिल 2019 में साजिद जट्ट लंगड़ा ने ही लश्कर के प्रॉक्सी द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को खड़ा किया था। आतंकी लंगड़ा और उसके तीनों गुर्गे 20 अक्टूबर, 2024 को श्रीनगर की जेड मोड़ टनल फायरिंग में भी शामिल रहे थे। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थाी। तब सुरक्षा बलों ने एक आतंकी जुनैद को मार गिराया था। उसके पास से बरामद ग्रो प्रो कैमरा और एम4 कार्बाइन तीनों आतंकियों के समान ही थे। दोनों वारदातों का टेरर मॉड्यूल एक ही था। पहलगाम हमले के 3 गुनहगार ढेर हो चुके NIA के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल पाक आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई, 2025 को ढेर कर दिया था। भारत के टॉप वांटेड में शामिल आतंकी लंगड़ा पर 10 लाख का इनाम है। पहलगाम हमले का बदला भारत का ऑपरेशन सिंदूर भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए थे। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या, PoK में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी; हमजा कश्मीर का रहने वाला 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक हमजा पर मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने कई गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन उसके सिर में लगीं। पूरी खबर पढ़ें…
पहलगाम हमला लश्कर के आतंकी साजिद जट्ट ने कराया था:आतंकियों ने हमले से पहले खाना खाया, बाद में हर्ष फायर किए; NIA चार्जशीट में खुलासा


