उज्जैन जिले के महिदपुर रोड क्षेत्र में बोलेरो गाड़ी से करीब 19.50 लाख रुपए नकद मिलने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला आयकर विभाग को सौंप दिया है। वहीं अब पुलिस उन दो पत्रकारों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने पुलिस पहुंचने से पहले ही संदिग्ध वाहन को रोक लिया था। एसपी प्रदीप शर्मा ने साफ कहा है कि किसी वाहन को खुद रोककर जांच करना अवैधानिक है और इतनी बड़ी नकदी कहां से लाई जा रही थी तथा कहां ले जाई जा रही थी, इसकी भी विस्तृत जांच की जाएगी। पुलिस के अनुसार गुरुवार को महिदपुर रोड थाना पुलिस को दो पत्रकारों से सूचना मिली थी कि नागदा रोड स्थित शनि मंदिर के पास एक बोलेरो वाहन में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकदी ले जाई जा रही है। सूचना देने वाले पत्रकारों ने पुलिस पहुंचने से पहले ही वाहन को रोक रखा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग इंदौर को जानकारी दी और मौके पर पहुंची। वाहन की जांच में काले रंग का बैग मिला मौके पर पुलिस ने संदिग्ध बोलेरो वाहन क्रमांक MP-13-ZK-2554 की जांच की। वाहन चालक ने अपना नाम हरीश निवासी नागदा बताया, जबकि उसके साथ बैठे व्यक्ति ने अपना नाम सुनील उर्फ प्रदीप पोरवाल निवासी नागदा बताया। पूछताछ के दौरान सुनील के कब्जे से एक काले रंग का बैग मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई थी। पुलिस ने दोनों पत्रकारों की मौजूदगी में वाहन और बैग की वीडियोग्राफी कराई। इसके बाद आयकर विभाग की टीम की मौजूदगी में सीसीटीवी निगरानी के बीच बैग खोलकर रकम की गिनती की गई। बैग में 500, 200 और 100 रुपए के कुल 4428 नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 19 लाख 49 हजार 500 रुपए निकली। जमीन के सौदे से जुड़ी रकम पूछताछ में सुनील उर्फ प्रदीप पोरवाल ने बताया कि यह रकम गोल्डन केमिकल के मालिक गुलजारीलाल त्रिवेदी और अल्पेश जैन के बीच हुए जमीन के सौदे से जुड़ी थी। उसके अनुसार वह यह रकम नागदा से महिदपुर अल्पेश जैन को देने जा रहा था, लेकिन सौदा तय नहीं होने पर रकम वापस नागदा ले जाई जा रही थी। इस मामले में प्रदीप शर्मा ने कहा कि पुलिस से पहले वाहन रोकना और उसकी जांच करना अवैधानिक है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पत्रकारों ने वाहन क्यों और किस आधार पर रोका। साथ ही नकदी के स्रोत और उसके उपयोग को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


