अररिया के फारबिसगंज अनुमंडल में अवैध बालू और मिट्टी के खनन व परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खनन निरीक्षक की टीम ने दो ट्रैक्टर जब्त किए और उन पर कुल 2.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। परिवहन और भंडारण पर चल रहा अभियान यह कार्रवाई लघु खनिज नियमावली के तहत की गई। फारबिसगंज क्षेत्र में अवैध बालू व मिट्टी के उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर चल रहे सघन अभियान के दौरान खनन निरीक्षक की टीम ने छापेमारी कर इन ट्रैक्टरों को पकड़ा। जब्त किए गए ट्रैक्टरों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिमराहा और बथनाहा थाना में सुरक्षित रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन से न केवल सरकारी खजाने को हानि होती है, बल्कि यह नदियों के किनारे भू-क्षरण, पर्यावरण असंतुलन और कृषि भूमि की बर्बादी का भी कारण बनता है। ड्रोन और गश्ती दलों से अवैध खनन की पहचान इसी कारण जिला प्रशासन लगातार सघन अभियान चला रहा है। अधिकारियों के अनुसार, फारबिसगंज सहित जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन, गश्ती दलों और सूचना तंत्र का उपयोग कर अवैध खनन की पहचान की जा रही है। दोषी पाए जाने पर वाहनों को जब्त करने के साथ-साथ भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई है। अररिया के फारबिसगंज अनुमंडल में अवैध बालू और मिट्टी के खनन व परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खनन निरीक्षक की टीम ने दो ट्रैक्टर जब्त किए और उन पर कुल 2.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। परिवहन और भंडारण पर चल रहा अभियान यह कार्रवाई लघु खनिज नियमावली के तहत की गई। फारबिसगंज क्षेत्र में अवैध बालू व मिट्टी के उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर चल रहे सघन अभियान के दौरान खनन निरीक्षक की टीम ने छापेमारी कर इन ट्रैक्टरों को पकड़ा। जब्त किए गए ट्रैक्टरों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिमराहा और बथनाहा थाना में सुरक्षित रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन से न केवल सरकारी खजाने को हानि होती है, बल्कि यह नदियों के किनारे भू-क्षरण, पर्यावरण असंतुलन और कृषि भूमि की बर्बादी का भी कारण बनता है। ड्रोन और गश्ती दलों से अवैध खनन की पहचान इसी कारण जिला प्रशासन लगातार सघन अभियान चला रहा है। अधिकारियों के अनुसार, फारबिसगंज सहित जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन, गश्ती दलों और सूचना तंत्र का उपयोग कर अवैध खनन की पहचान की जा रही है। दोषी पाए जाने पर वाहनों को जब्त करने के साथ-साथ भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई है।


