गयाजी साइबर पुलिस बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले युवक राजेंद्र राव उर्फ सरदार को पटना से गिरफ्तार कर लिया है। साइबर थाने की विशेष टीम ने गुरुवार देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को मारूफगंज इलाके से दबोच लिया। नालंदा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र का रहने वाला है। इसकी पुष्टि एसएसपी सुशील कुमार ने की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गयाजी लाया गया है। एसएसपी सुशील कुमार के कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। मौके पर सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और साइबर डीएसपी मौजूद हैं। आरोपी किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा है या नहीं। उसने किसी के कहने या बहकावे में आकर धमकी भरा वीडियो तो जारी नहीं किया था। इसकी जांच की जा रही है। बता दें, बाराचट्टी में रविवार को हम विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हमला हुआ था। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद बुधवार शाम को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में युवक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करता दिखाई दिया। उसने खुलेआम हमला करने की धमकी भी दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी विकास वैभव और एसएसपी सुशील कुमार ने तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया। इसके बाद साइबर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को मोहनपुर प्रखंड के गम्भीरा गांव में क्या हुआ था? गयाजी जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मोहनपुर प्रखंड के बमुआर पंचायत के गम्भीरा गांव की एक सड़क आजादी के बाद से अब तक पक्की नहीं बनी। गम्भीरा गांव तक पहुंचने वाली करीब 20 किलो मीटर लंबी सड़क सरवां से बोधगया बाइपास को जोड़ती है। सड़क पर तीन पुल बनने हैं, जो शिलान्यास के बाद से निर्माणाधीन हैं। इस सड़क पर तीन जगहों पर तीन बरसाती नदियां गुजरती हैं। सरवां से गम्भीरा के बीच दो नदियों पर लोग जान जोखिम में डालकर आम दिनों में निकलते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। महादेव स्थान से गम्भीरा तक पक्की सड़क का नामोनिशान नहीं है। गांव वाले हर साल चंदा करते हैं। श्रमदान करते हैं। मिट्टी डालकर रास्ता बनाते हैं। लेकिन पहली बारिश में सड़क फिर दलदल बन जाती है। यही वह रास्ता है, जहां रविवार को विधायक की गाड़ी फंसी और फिर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नीतीश के कहने पर पहली बार लड़ी थी चुनाव मांझी की समधन ज्योति देवी भी 2020 विधानसभा चुनाव में HAM की टिकट से बरचट्टी से विधायक बनीं। हालांकि, वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थीं और पहले भी विधायक रह चुकी थीं। 2010 में सीएम नीतीश कुमार ने उनके सामाजिक कामों से प्रभावित होकर उन्हें पहली बार चुनाव लड़ने के लिए कहा था। ज्योति 2010 में पहली बार विधायक बनीं। हालांकि, 2015 विधानसभा चुनाव से पहले मांझी और नीतीश कुमार के अलग होने से ज्योति को टिकट नहीं दिया गया। 2020 में फिर से विधानसभा पहुंची। गयाजी साइबर पुलिस बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले युवक राजेंद्र राव उर्फ सरदार को पटना से गिरफ्तार कर लिया है। साइबर थाने की विशेष टीम ने गुरुवार देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को मारूफगंज इलाके से दबोच लिया। नालंदा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र का रहने वाला है। इसकी पुष्टि एसएसपी सुशील कुमार ने की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गयाजी लाया गया है। एसएसपी सुशील कुमार के कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। मौके पर सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और साइबर डीएसपी मौजूद हैं। आरोपी किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा है या नहीं। उसने किसी के कहने या बहकावे में आकर धमकी भरा वीडियो तो जारी नहीं किया था। इसकी जांच की जा रही है। बता दें, बाराचट्टी में रविवार को हम विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हमला हुआ था। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद बुधवार शाम को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में युवक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करता दिखाई दिया। उसने खुलेआम हमला करने की धमकी भी दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी विकास वैभव और एसएसपी सुशील कुमार ने तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया। इसके बाद साइबर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को मोहनपुर प्रखंड के गम्भीरा गांव में क्या हुआ था? गयाजी जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मोहनपुर प्रखंड के बमुआर पंचायत के गम्भीरा गांव की एक सड़क आजादी के बाद से अब तक पक्की नहीं बनी। गम्भीरा गांव तक पहुंचने वाली करीब 20 किलो मीटर लंबी सड़क सरवां से बोधगया बाइपास को जोड़ती है। सड़क पर तीन पुल बनने हैं, जो शिलान्यास के बाद से निर्माणाधीन हैं। इस सड़क पर तीन जगहों पर तीन बरसाती नदियां गुजरती हैं। सरवां से गम्भीरा के बीच दो नदियों पर लोग जान जोखिम में डालकर आम दिनों में निकलते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। महादेव स्थान से गम्भीरा तक पक्की सड़क का नामोनिशान नहीं है। गांव वाले हर साल चंदा करते हैं। श्रमदान करते हैं। मिट्टी डालकर रास्ता बनाते हैं। लेकिन पहली बारिश में सड़क फिर दलदल बन जाती है। यही वह रास्ता है, जहां रविवार को विधायक की गाड़ी फंसी और फिर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नीतीश के कहने पर पहली बार लड़ी थी चुनाव मांझी की समधन ज्योति देवी भी 2020 विधानसभा चुनाव में HAM की टिकट से बरचट्टी से विधायक बनीं। हालांकि, वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थीं और पहले भी विधायक रह चुकी थीं। 2010 में सीएम नीतीश कुमार ने उनके सामाजिक कामों से प्रभावित होकर उन्हें पहली बार चुनाव लड़ने के लिए कहा था। ज्योति 2010 में पहली बार विधायक बनीं। हालांकि, 2015 विधानसभा चुनाव से पहले मांझी और नीतीश कुमार के अलग होने से ज्योति को टिकट नहीं दिया गया। 2020 में फिर से विधानसभा पहुंची।


