नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने श्रमिक आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर कथित रूप से भड़काऊ पोस्ट और वीडियो प्रसारित करने के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक 20 मई 2026 को गोपनीय सूचना के आधार पर मदरसन कंपनी के पीछे स्थित हनुमान मंदिर के पास से आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मूल रूप से हापुड़ जिले के बाबूगढ़ छावनी क्षेत्र के मुक्तेशरा गांव का रहने वाला है और वर्तमान में नोएडा फेस-2 क्षेत्र के नया गांव में किराये पर रह रहा था। पुलिस ने दावों को बताया गलत
जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर एक प्रोपेगेंडा पोस्ट और वीडियो वायरल किए जा रहे थे, जिनमें दावा किया गया था कि अनिल कुमार यूपी पुलिस के एक डीसीपी का ड्राइवर है और उसे जानबूझकर श्रमिक आंदोलन में हिंसा फैलाने के लिए शामिल किया गया। पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है।
दो साल पहले कंपनी में करता था काम
पुलिस के अनुसार, अनिल कुमार कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है और न ही वह कभी किसी पुलिस अधिकारी का ड्राइवर रहा है। वह दिल्ली स्थित एक संस्था में निजी चालक के रूप में काम करता है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी का वर्तमान में रिचा ग्लोबल कंपनी से कोई संबंध नहीं है। वह करीब दो वर्ष पहले कंपनी में कर्मचारी रह चुका है। ग्रुप में पुलिस ने बल्कि एक अन्य सदस्य ने जोड़ा
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी को रिचा ग्लोबल के सोशल मीडिया ग्रुप में गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नहीं, बल्कि श्रमिक आंदोलन की आड़ में सक्रिय एक उपद्रवी समूह के सदस्य ने जोड़ा था। पुलिस का कहना है कि ग्रुप में हिंसा को बढ़ावा देने वाले कई पोस्ट किए गए थे। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान सड़क जाम करने जैसे संदेश भी शामिल थे। कई अहम सुराग मिले
पुलिस ने बताया कि मामले में हिंसा भड़काने और माहौल खराब करने की साजिश से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की विवेचना की जा रही है। आरोपी अनिल कुमार के खिलाफ थाना फेस-2 में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा उसके खिलाफ साल 2023 में हापुड़ नगर थाने में आयुध अधिनियम के तहत भी केस दर्ज हो चुका है।


