बेगूसराय में बुधवार को मारपीट हुई है। घटना सिंघौल थाना क्षेत्र स्थित देवा नगर की है। इस मारपीट में अमरौर किरतपुर के पूर्व मुखिया प्रवीण कुमार सिंह, प्रभाकर रमण, सूरज कुमार और दिवाकर सिंह उर्फ छोटू घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। जहां पूर्व मुखिया प्रवीण कुमार सिंह व प्रभाकर रमण की स्थिति गंभीर रहने के कारण पटना रेफर कर दिया गया है। पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे बेरहमी से पिटाई की गई। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि प्रवीण कुमार सिंह के परिवार की 6 भाई की 18 कट्ठा जमीन देवा नगर में है। जिसमें हिस्सेदारी को लेकर प्रवीण कुमार सिंह और शंभू सिंह के बीच झगड़ा हो रहा था। शंभू सिंह जमीन छोड़ना नहीं चाह रहे थे, जबकि प्रवीण अपने हिस्सा की जमीन मांग रहे थे। इसी को लेकर आज प्रवीण सिंह पक्ष के तीन भाई अपने हिस्से की जमीन जोतने गए तो खेत पर झगड़ा हो गया। पुलिस पहुंची और दोनों पक्ष को समझा-बुझाकर वापस चली आई। इसके बाद जमीन पर से सभी लोग वापस घर आ रहे थे। तभी रास्ते में देवा नगर में ही विपिन कुमार सिंह के यहां बैठकर चर्चा होने लगी। लोहे के रॉड और ईंट से हमला कर दिया तभी एक स्कॉर्पियो पर सवार चार-पांच युवक आए और लाठी-डंडा, लोहे के रॉड और ईंट से हमला कर दिया। जिसमें चार लोग घायल हुए। वहीं विपिन कुमार सिंह की पत्नी एवं एक बच्चा बाल-बाल बच गया। फिलहाल घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। इस संबंध में दिवाकर सिंह ने बताया कि हम लोगों का देवानगर में जमीन है। लंबे समय से चाचा शंभू सिंह ही जमीन जोत करते थे। आज हम उनके घर पर जाकर कहने गए कि हमारा जमीन छोड़ दीजिए। इसके बाद ट्रैक्टर लेकर अपने बाबा की संपत्ति में अपने हिस्से की जमीन जोतने गए। जहां पर हल्का झगड़ा झंझट हुआ था। इसके बाद हम घर आ रहे थे, तो अपने ग्रामीण भाई विपिन सिंह के दरवाजे पर बैठे। तभी एक स्कॉर्पियो से आए चार-पांच बदमाशों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उन लोगों ने ईंट-पत्थर, लोहे के रॉड से जमकर पिटाई की जो सीसीटीवी में है। तीन-तीन कट्ठा जमीन को लेकर विवाद हुआ चार लोग घायल हुए, जिसमें से दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हम तीन हिस्सेदारों के तीन-तीन कट्ठा जमीन को लेकर विवाद हुआ। पूरी जमीन 18 कट्ठा है, जिसमें से आधा हम तीन हिस्सेदारों का है। देवानगर की किमती जमीन है, जिससे वह छोड़ना नहीं चाहते हैं। बेगूसराय में बुधवार को मारपीट हुई है। घटना सिंघौल थाना क्षेत्र स्थित देवा नगर की है। इस मारपीट में अमरौर किरतपुर के पूर्व मुखिया प्रवीण कुमार सिंह, प्रभाकर रमण, सूरज कुमार और दिवाकर सिंह उर्फ छोटू घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। जहां पूर्व मुखिया प्रवीण कुमार सिंह व प्रभाकर रमण की स्थिति गंभीर रहने के कारण पटना रेफर कर दिया गया है। पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे बेरहमी से पिटाई की गई। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि प्रवीण कुमार सिंह के परिवार की 6 भाई की 18 कट्ठा जमीन देवा नगर में है। जिसमें हिस्सेदारी को लेकर प्रवीण कुमार सिंह और शंभू सिंह के बीच झगड़ा हो रहा था। शंभू सिंह जमीन छोड़ना नहीं चाह रहे थे, जबकि प्रवीण अपने हिस्सा की जमीन मांग रहे थे। इसी को लेकर आज प्रवीण सिंह पक्ष के तीन भाई अपने हिस्से की जमीन जोतने गए तो खेत पर झगड़ा हो गया। पुलिस पहुंची और दोनों पक्ष को समझा-बुझाकर वापस चली आई। इसके बाद जमीन पर से सभी लोग वापस घर आ रहे थे। तभी रास्ते में देवा नगर में ही विपिन कुमार सिंह के यहां बैठकर चर्चा होने लगी। लोहे के रॉड और ईंट से हमला कर दिया तभी एक स्कॉर्पियो पर सवार चार-पांच युवक आए और लाठी-डंडा, लोहे के रॉड और ईंट से हमला कर दिया। जिसमें चार लोग घायल हुए। वहीं विपिन कुमार सिंह की पत्नी एवं एक बच्चा बाल-बाल बच गया। फिलहाल घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। इस संबंध में दिवाकर सिंह ने बताया कि हम लोगों का देवानगर में जमीन है। लंबे समय से चाचा शंभू सिंह ही जमीन जोत करते थे। आज हम उनके घर पर जाकर कहने गए कि हमारा जमीन छोड़ दीजिए। इसके बाद ट्रैक्टर लेकर अपने बाबा की संपत्ति में अपने हिस्से की जमीन जोतने गए। जहां पर हल्का झगड़ा झंझट हुआ था। इसके बाद हम घर आ रहे थे, तो अपने ग्रामीण भाई विपिन सिंह के दरवाजे पर बैठे। तभी एक स्कॉर्पियो से आए चार-पांच बदमाशों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उन लोगों ने ईंट-पत्थर, लोहे के रॉड से जमकर पिटाई की जो सीसीटीवी में है। तीन-तीन कट्ठा जमीन को लेकर विवाद हुआ चार लोग घायल हुए, जिसमें से दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हम तीन हिस्सेदारों के तीन-तीन कट्ठा जमीन को लेकर विवाद हुआ। पूरी जमीन 18 कट्ठा है, जिसमें से आधा हम तीन हिस्सेदारों का है। देवानगर की किमती जमीन है, जिससे वह छोड़ना नहीं चाहते हैं।


