बदायूं के इस्लामनगर में हुई डकैती की घटना के बाद अब सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आदित्य यादव ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और बदायूं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। सांसद आदित्य यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि जनपद बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में एक ही रात में पांच घरों में डकैती की घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है। उन्होंने बताया कि अपराधी बेखौफ होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर दीवारें फांदते रहे, परिवारों को बंधक बनाते रहे और महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों तक को बेरहमी से पीटा। आरोप लगाया कि जब अपराधी एक घंटे तक पूरे इलाके में आतंक फैला रहे थे, तब पुलिस शायद “कागज़ों में गश्त” कर रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है और आम जनता को अब अपनी सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़नी पड़ रही है। सपा सांसद ने सरकार के मंचों से किए जाने वाले कानून व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि अपराधी खुलेआम तांडव मचा रहे हैं और प्रशासन तमाशबीन बना हुआ है। आदित्य यादव ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह केवल विज्ञापनों और भाषणों से नहीं, बल्कि धरातल पर कार्रवाई करके जनता का भरोसा वापस जीते। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा व उचित मुआवजा देने की बात कही। सपा सांसद की इस प्रतिक्रिया के बाद स्थानीय पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले स्थानीय पुलिस डकैती की इस वारदात को लूट बताकर शासन स्तर के अफसरों को गुमराह करने का प्रयास कर रही थी। अब विपक्षी दल द्वारा घेराबंदी किए जाने से पुलिस की फजीहत होने के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।


