जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने मंगल पांडे के रिश्तेदार को पीटा:पटना के IGIMS में लात-घूंसे बरसाए, सिर फोड़ा; लोग बोले- पुलिस-सिक्योरिटी तमाशा देखते रहे

जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने मंगल पांडे के रिश्तेदार को पीटा:पटना के IGIMS में लात-घूंसे बरसाए, सिर फोड़ा; लोग बोले- पुलिस-सिक्योरिटी तमाशा देखते रहे

पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में गुरुवार को जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को जमकर पीटा है। तीनों कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, लगभग 200 जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने इलेक्ट्रिकल विभाग में घुसकर कर्मचारियों और इंजीनियरों के साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक अस्पताल में भगदड़ और भय का माहौल रहा, जिसमें मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। इस दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा कि घायल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा, पिता अशोक मिश्रा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के करीबी रिश्तेदार हैं। कुछ ही देर में मंगल पांडेय भी अस्पताल पहुंचने वाले हैं। अब सिलसिलेवार तरीक से जानिए पूरा घटनाक्रम… देखें हंगामे की तस्वीरें… एसी ठीक करने को लेकर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुई थी। रेडियोलॉजी विभाग में एसी ठीक करने पहुंचे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा और कुछ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि उस समय भी 10 से 20 जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने रिशु मिश्रा के साथ मारपीट की थी। घटना के बाद रिशु मिश्रा ने संस्थान के निदेशक से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। निदेशक से मिलने पहुंचे थे इंजीनियर, तभी घेर लिया गया पीड़ित पक्ष के अनुसार, गुरुवार को रिशु मिश्रा अपने पिता अशोक मिश्रा और लिफ्ट इंजीनियर अमन कुमार के साथ दोबारा संस्थान के निदेशक से मिलने पहुंचे थे। वे बुधवार की घटना को लेकर कार्रवाई की मांग करना चाहते थे। बताया जा रहा है कि निदेशक से मुलाकात नहीं हो पाने के बाद तीनों वापस लौट रहे थे। इसी दौरान डेंटल विभाग के पहले तल्ले पर स्थित इलेक्ट्रिकल विभाग के पास बड़ी संख्या में मौजूद जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि करीब 200 छात्रों की भीड़ ने विभाग में घुसकर तीनों के साथ बेरहमी से मारपीट की। छात्रों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला किया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्रों ने लाठी-डंडों और हाथ-पैरों से हमला किया। मारपीट इतनी बर्बर थी कि तीनों का सिर फट गया और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद अस्पताल कर्मियों की मदद से घायलों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। घायल इंजीनियर्स का चल रहा इलाज इस हिंसक घटना में घायल होने वालों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा, उनके पिता और सिविल इंजीनियर अशोक कुमार मिश्रा और लिफ्ट इंजीनियर अमन कुमार शामिल हैं। तीनों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घायल अशोक कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को पहले ही यह जानकारी मिल चुकी थी कि उनके खिलाफ शिकायत की गई है। इसी बात से नाराज होकर छात्रों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की शिकायत शास्त्रीनगर थाना में की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। अस्पताल में मची अफरा-तफरी, मरीजों में दहशत घटना के दौरान अस्पताल परिसर का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। कई वार्डों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों में डर और दहशत का माहौल कायम हो गया। कई अस्पतालकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। अस्पताल के गलियारों में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक पूरा परिसर रणक्षेत्र में तब्दील रहा। गार्ड और पुलिस पर उठे सवाल मौके पर मौजूद लोगों ने बताया, मारपीट के दौरान सुरक्षा गार्ड और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करने के बजाय तमाशबीन बने रहे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षाकर्मी हस्तक्षेप करते तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। घायल पक्ष ने भी आरोप लगाया कि सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती गई। पुलिस जांच में जुटी, अस्पताल में तनाव बरकरार घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घायलों का बयान लेने के साथ-साथ अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में गुरुवार को जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को जमकर पीटा है। तीनों कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, लगभग 200 जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने इलेक्ट्रिकल विभाग में घुसकर कर्मचारियों और इंजीनियरों के साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक अस्पताल में भगदड़ और भय का माहौल रहा, जिसमें मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। इस दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा कि घायल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा, पिता अशोक मिश्रा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के करीबी रिश्तेदार हैं। कुछ ही देर में मंगल पांडेय भी अस्पताल पहुंचने वाले हैं। अब सिलसिलेवार तरीक से जानिए पूरा घटनाक्रम… देखें हंगामे की तस्वीरें… एसी ठीक करने को लेकर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुई थी। रेडियोलॉजी विभाग में एसी ठीक करने पहुंचे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा और कुछ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि उस समय भी 10 से 20 जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने रिशु मिश्रा के साथ मारपीट की थी। घटना के बाद रिशु मिश्रा ने संस्थान के निदेशक से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। निदेशक से मिलने पहुंचे थे इंजीनियर, तभी घेर लिया गया पीड़ित पक्ष के अनुसार, गुरुवार को रिशु मिश्रा अपने पिता अशोक मिश्रा और लिफ्ट इंजीनियर अमन कुमार के साथ दोबारा संस्थान के निदेशक से मिलने पहुंचे थे। वे बुधवार की घटना को लेकर कार्रवाई की मांग करना चाहते थे। बताया जा रहा है कि निदेशक से मुलाकात नहीं हो पाने के बाद तीनों वापस लौट रहे थे। इसी दौरान डेंटल विभाग के पहले तल्ले पर स्थित इलेक्ट्रिकल विभाग के पास बड़ी संख्या में मौजूद जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि करीब 200 छात्रों की भीड़ ने विभाग में घुसकर तीनों के साथ बेरहमी से मारपीट की। छात्रों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला किया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्रों ने लाठी-डंडों और हाथ-पैरों से हमला किया। मारपीट इतनी बर्बर थी कि तीनों का सिर फट गया और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद अस्पताल कर्मियों की मदद से घायलों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। घायल इंजीनियर्स का चल रहा इलाज इस हिंसक घटना में घायल होने वालों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा, उनके पिता और सिविल इंजीनियर अशोक कुमार मिश्रा और लिफ्ट इंजीनियर अमन कुमार शामिल हैं। तीनों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घायल अशोक कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को पहले ही यह जानकारी मिल चुकी थी कि उनके खिलाफ शिकायत की गई है। इसी बात से नाराज होकर छात्रों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की शिकायत शास्त्रीनगर थाना में की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। अस्पताल में मची अफरा-तफरी, मरीजों में दहशत घटना के दौरान अस्पताल परिसर का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। कई वार्डों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों में डर और दहशत का माहौल कायम हो गया। कई अस्पतालकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। अस्पताल के गलियारों में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक पूरा परिसर रणक्षेत्र में तब्दील रहा। गार्ड और पुलिस पर उठे सवाल मौके पर मौजूद लोगों ने बताया, मारपीट के दौरान सुरक्षा गार्ड और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करने के बजाय तमाशबीन बने रहे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षाकर्मी हस्तक्षेप करते तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। घायल पक्ष ने भी आरोप लगाया कि सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती गई। पुलिस जांच में जुटी, अस्पताल में तनाव बरकरार घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घायलों का बयान लेने के साथ-साथ अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *