Bandra Illegal Mosque Demolition Violence: मायानगरी मुंबई के बांद्रा इलाके में रेलवे की जमीन पर बनी एक अवैध मस्जिद और अन्य अवैध निर्माणों को ढहाने के दौरान जबरदस्त बवाल हो गया। अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे उपद्रवियों ने अचानक पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसा को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है और अब तक करीब 150 उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर पत्थरबाजों को घर-घर से ढूंढकर निकाला जा रहा है।
हाई कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर
यह पूरी कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद अमल में लाई जा रही है। बांद्रा के गरीब नगर इलाके में रेलवे स्टेशन के पास करीब 5,000 वर्ग मीटर मुख्य जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा था, जिसमें एक अवैध मस्जिद समेत करीब 500 से अधिक अवैध निर्माण शामिल हैं। पश्चिमी रेलवे (Western Railway) के सीपीआरओ (CPRO) विनीत अभिषेक ने साफ किया कि प्रशासन ने सीधे कार्रवाई नहीं की है। अवैध निर्माणकर्ताओं को बार-बार कानूनी नोटिस दिए गए थे, लेकिन जब उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया, तो हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अंतिम उपाय के तौर पर मंगलवार से भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर एक्शन शुरू किया गया। इस अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), मुंबई पुलिस और बीएमसी (BMC) के अधिकारी संयुक्त रूप से शामिल हैं।
अचानक जुटी भीड़ ने बरसाए पत्थर
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार से शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान अचानक 50 से 60 लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और नारेबाजी करने लगी। तैनात पुलिस अधिकारी और जवान उन्हें समझाने की कोशिश कर ही रहे थे कि भीड़ हिंसक हो गई और उन्होंने पुलिस तथा बुलडोजरों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में कानून व्यवस्था संभाल रहे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने और सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद उपद्रवी गलियों में भाग गए।
घर-घर तलाशी अभियान जारी
हिंसा के बाद पूरे बांद्रा और गरीब नगर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 1,000 से ज्यादा अतिरिक्त पुलिस जवानों और आरपीएफ (RPF) को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उपद्रव के वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की मदद से कई पत्थरबाजों के चेहरे चिन्हित (Identify) कर लिए गए हैं। अब तक 150 से ज्यादा दंगाइयों के खिलाफ नामजद और अज्ञात में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें रातभर से इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन (तलाशी अभियान) चला रही हैं और पत्थरबाजों को उनके घरों से घसीटकर बाहर निकाला जा रहा है। मामले में अब तक 7 मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।
रेलवे के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है कार्रवाई
पश्चिमी रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास की यह जमीन रेलवे के भविष्य के विकास कार्यों और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रैक के इतने नजदीक अवैध निर्माण हमेशा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने रहते हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भारी विरोध या हिंसा के बावजूद अतिक्रमण हटाओ अभियान रुकने वाला नहीं है और पूरी जमीन को खाली कराकर ही दम लिया जाएगा। फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।



Mumbai के बांद्रा इलाके में स्थित गरीब नगर में चल रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान के दूसरे दिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई!