बंजर भूमि पर यह सब्जी लगाकर करें कमाई, वाराणसी उद्यान विभाग ने की पहल, जानें कैसे उठाएं लाभ

बंजर भूमि पर यह सब्जी लगाकर करें कमाई, वाराणसी उद्यान विभाग ने की पहल, जानें कैसे उठाएं लाभ

वाराणसी के किसान अपनी बंजर भूमि पर सूरन की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसमें सबसे खास बात यह है कि सूरन बंजर भूमि पर भी उग जाता है और इसमें ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं होते। वाराणसी के उद्यान विभाग ने यह पहल की है और सब्जी के 15000 किसानों को इस खेती से जुड़ने का आवाहन किया है। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए अतिरिक्त भूमि की भी जरूरत नहीं होगी।

जिला उद्यान विभाग से किसान मुफ्त में पा सकते हैं बीज

वाराणसी के उद्यान विभाग ने सूरन की खेती को लेकर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए निशुल्क बीज वितरण की योजना बनाई है। किसान उद्यान विभाग में जाकर सीधे तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और मुफ्त में वहां से बीज प्राप्त कर सकते हैं। उद्यान विभाग के अधिकारियों की मानें तो किसान अपने बगीचे में खाली पड़ी भूमि पर इसकी खेती कर सकते हैं। यह खाली भूमि आम का बगीचे या और भी चीज का बगीचा भी हो सकता है, जिसमें पेड़ के नीचे छाया होने के कारण कोई अन्य सब्जी या फल नहीं उगाया जा सकते।

जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया है कि आमतौर पर किसान धान, गेहूं, मक्के, फुल इत्यादि की खेती करते हैं, लेकिन कभी-कभी मौसम की मार के कारण उन्हें अत्यधिक नुकसान उठाना पड़ता है। सूरन एक ऐसी सब्जी है जिसमें लागत लगभग ना के बराबर आती है। उन्होंने बताया कि बगीचों में खाली पड़ी जमीन पर इसे लगाया जा सकता है। इसके अलावा इस खेती को करने के लिए ना तो ज्यादा खाद की जरूरत है और ना ही पानी की। यह सूरन अपने आप में ही खुद को विकसित कर लेता है और किसान की अच्छी आय हो सकती है।

शुरू होगी 20 हेक्टेयर भूमि पर खेती

उन्होंने बताया है कि खेती के लिए उद्यान विभाग किसानों को फ्री में ट्रेनिंग देने का भी काम कर रहा है। किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा कर इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके साथ ही कम लागत में अत्यधिक मुनाफा कैसे कमाया जाए इसको लेकर के भी ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया है कि उच्च अधिकारियों को 20 हेक्टेयर भूमि पर सूरन की खेती करने को लेकर प्रपोजल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 15000 ऐसे किसान हैं जो सब्जियों की खेती करते हैं, उन किसानों को सीधे तौर पर इसका फायदा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि बगीचों में खाली पड़ी अतिरिक्त भूमि पर इसे लगाकर किसान मालामाल हो सकते हैं।

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