दिल्ली-NCR में आज से ऑटो-टैक्सी चालकों की 3 दिन की हड़ताल, जानें क्या बंद और क्या रहेगा चालू

दिल्ली-NCR में आज से ऑटो-टैक्सी चालकों की 3 दिन की हड़ताल, जानें क्या बंद और क्या रहेगा चालू

दिल्ली-एनसीआर में आज से ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहन चालकों की तीन दिन की हड़ताल शुरू हो गई है। यह हड़ताल 23 मई तक चलेगी। बढ़ती ईंधन कीमतों, किराए में बढ़ोतरी की मांग और ऐप बेस्ड कैब कंपनियों पर आर्थिक शोषण के आरोपों को लेकर चालक संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है। हड़ताल के चलते दिल्ली-एनसीआर में यात्रियों को आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

क्यों हो रही है हड़ताल?

‘चालाक शक्ति यूनियन’ ने दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और पुलिस आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि यह हड़ताल ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में की जा रही है। यूनियन का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले करीब 15 वर्षों से ऑटो और टैक्सी किराए में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जबकि इस दौरान सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

चालकों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बीच वाहन मेंटेनेंस, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन किराया पुरानी दरों पर ही लिया जा रहा है। इससे ड्राइवरों की कमाई घटी है।

ओला-उबर, रैपिडो पर लगाए ये आरोप

यूनियन ने ओला (Ola), उबर (Uber) और रैपिडो (Rapido) जैसी ऐप बेस्ड कैब कंपनियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के ड्राइवर आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। चालक संगठनों ने सरकार से नई नीति बनाने और ड्राइवरों की समस्याओं पर तुरंत बैठक बुलाने की मांग की है।

यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द किराया नहीं बढ़ाया गया तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।

क्या पूरी तरह बंद रहेंगे ऑटो और टैक्सी?

हालांकि सभी ऑटो और टैक्सी यूनियन इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ ने साफ कहा है कि यह आंदोलन मुख्य रूप से ट्रांसपोर्टरों से जुड़ा है और ऑटो सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।

संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने बताया कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य प्रमुख स्थानों पर ऑटो और टैक्सी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन, प्रगतिशील ऑटो रिक्शा ड्राइवर्स यूनियन, ऑटो ड्राइवर्स वेलफेयर संघ दिल्ली और NCR ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन समेत कई संगठन इस हड़ताल में शामिल नहीं है।

कुछ यूनियनों के इस बंद से दूर रहने से सेवाएं पूरी तरह ठप नहीं होंगी, लेकिन दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में टैक्सी और कमर्शियल वाहनों की संख्या कम हो सकती है। खासकर ऑफिस टाइम और एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले जगहों पर यात्रियों को कैब का ज्यादा किराया और लंबा इंतजार झेलना पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *