वैभव सूर्यवंशी की कमजोरी पर खुलकर बोले राजस्थान रॉयल्स के पूर्व डायरेक्टर, बताया कब मिलना चाहिए टीम इंडिया में मौका

वैभव सूर्यवंशी की कमजोरी पर खुलकर बोले राजस्थान रॉयल्स के पूर्व डायरेक्टर, बताया कब मिलना चाहिए टीम इंडिया में मौका

Vaibhav Suryavanshi in IPL 2026: आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को इंडिया ए टीम में जगह मिली है, लेकिन अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया में चयन नहीं हुआ। उनकी फील्डिंग को लेकर उठे सवालों के बीच राजस्थान रॉयल्स के पूर्व डायरेक्टर जुबिन भरूचा ने उनकी सबसे बड़ी ताकत का खुलासा किया है। 

Zubin Bharucha on Vaibhav Suryavanshi: आईपीएल 2026 में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को बीसीसीआई ने इनाम देते हुए ट्राई सीरीज के लिए इंडिया ए टीम में चुन लिया। टीम की अगुवाई तिलक वर्मा करेंगे और उनके साथ रियान पराग भी टीम में शामिल हैं। इसके बाद सूर्यवंशी को वनडे टीम में भी शामिल करने की चर्चा हो रही थी, जो अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज खेलेगी। हालांकि चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने बताया कि अगर किसी ओपनर को पहले मौका मिलेगा तो वह यशस्वी जायसवाल होंगे।

वैभव की फील्डिंग पर उठे सवाल

इस दौरान क्रिकेट जगत में कई तरह की खबरें सामने आने लगीं कि वैभव सूर्यवंशी की फील्डिंग और फिटनेस उनके नहीं चुने जाने की वजह बनी। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स के पूर्व डायरेक्टर जुबीन भरूचा ने बताया कि उनकी फील्डिंग में किसी तरह की कोई कमी नहीं है। पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ और संजय मांजरेकर ने आईपीएल में कमेंट्री के दौरान कई बार उनकी फील्डिंग पर सवाल उठाए। मोहम्मद कैफ ने तो बड़ा खुलासा करते हुए यह भी कहा कि इस सीजन वह एक भी कैच नहीं पकड़ पाए हैं। वहीं संजय मांजरेकर ने कहा कि आप वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं देखना चाहेंगे।

दैनिक जागरण को दिए एक इंटरव्यू में राजस्थान रॉयल्स के पूर्व डायरेक्टर जुबिन भरूचा ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी की फील्डिंग उनकी उम्र के हिसाब से परफेक्ट है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ेगी, उनकी फिटनेस भी बेहतर होगी और वह एक ज्यादा फिट खिलाड़ी बनेंगे। भरूचा ने माना कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों को फील्डिंग पर लगातार मेहनत करनी पड़ती है और वैभव ऐसे खिलाड़ी हैं जो मेहनत करने से पीछे नहीं हटेंगे। उनमें सीखने की क्षमता और इच्छा शक्ति दोनों हैं। वह अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कब मिलना चाहिए मौका?

इस दौरान उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वैभव पारंपरिक बल्लेबाजी शैली से बिल्कुल अलग खेलते हैं। सामान्य तौर पर बल्लेबाज गुड लेंथ की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश करते हैं, लेकिन वैभव गुड लेंथ गेंदों को भी आसानी से छक्के में तब्दील कर देते हैं। उनकी तकनीक की वजह से गुड लेंथ की गेंदें भी उनके सामने प्रभावी नहीं दिखतीं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौका देने के मामले में जुबिन भरूचा ने कहा कि अब उन्हें मौके देने चाहिए।

आपको बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन 13 मैचों की 13 पारियों में 144.54 की औसत से 579 रन बनाए हैं, जिसमें 50 चौके और 53 छक्के शामिल हैं। उनके पास ऑरेंज कैप तो है ही, साथ ही वह इस सीजन सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी इस सीजन सबसे दमदार रहा है और वह आईपीएल इतिहास में सबसे तेजी से रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं।

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