मुजफ्फरपुर पुलिस ने बिकने से पहले किशोरी को बचाया:मानव तस्कर पश्चिम बंगाल ले गए थे, मेकअप का सामान और नए कपड़े का दिया था लालच

मुजफ्फरपुर पुलिस ने बिकने से पहले किशोरी को बचाया:मानव तस्कर पश्चिम बंगाल ले गए थे, मेकअप का सामान और नए कपड़े का दिया था लालच

मुजफ्फरपुर पुलिस ने साहेबगंज थाना क्षेत्र से अपहृत नाबालिग बच्ची को पश्चिम बंगाल से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने दावा किया है कि बच्ची को बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर उसे तस्करों के चंगुल से छुड़ा लिया गया। अब पुलिस पूरे ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क की तलाश में जुट गई है और कई जगहों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि नाबालिग बच्ची को बदमाशों ने अकेला पाकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया था। इसके बाद उसे बस के जरिए पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर ले जाया गया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बच्ची को तस्करों ने नए कपड़े, मेकअप का सामान और अन्य चीजों का लालच दिया था, ताकि उसे अपने कब्जे में रखा जा सके। ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम की भूमिका अहम सूत्रों के मुताबिक, बच्ची को दूसरे राज्य में बेचने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी। इसी बीच मुजफ्फरपुर पुलिस को तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल एक विशेष टीम गठित कर पश्चिम बंगाल रवाना किया गया। इस ऑपरेशन में बंगाल पुलिस और ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। कई दिनों तक लगातार लोकेशन ट्रैकिंग और छापेमारी के बाद पुलिस ने इस्लामपुर इलाके में दबिश देकर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बच्ची को सुरक्षा में रखा गया है और उसे परिजनों के हवाले करने की प्रक्रिया चल रही है। गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। यह गिरोह ग्रामीण इलाकों की नाबालिग लड़कियों को झांसे में लेकर दूसरे राज्यों में बेचने का काम करता है। मामले में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी की जाएगी। पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं बच्ची की सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने साहेबगंज थाना क्षेत्र से अपहृत नाबालिग बच्ची को पश्चिम बंगाल से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने दावा किया है कि बच्ची को बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर उसे तस्करों के चंगुल से छुड़ा लिया गया। अब पुलिस पूरे ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क की तलाश में जुट गई है और कई जगहों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि नाबालिग बच्ची को बदमाशों ने अकेला पाकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया था। इसके बाद उसे बस के जरिए पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर ले जाया गया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बच्ची को तस्करों ने नए कपड़े, मेकअप का सामान और अन्य चीजों का लालच दिया था, ताकि उसे अपने कब्जे में रखा जा सके। ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम की भूमिका अहम सूत्रों के मुताबिक, बच्ची को दूसरे राज्य में बेचने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी। इसी बीच मुजफ्फरपुर पुलिस को तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल एक विशेष टीम गठित कर पश्चिम बंगाल रवाना किया गया। इस ऑपरेशन में बंगाल पुलिस और ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। कई दिनों तक लगातार लोकेशन ट्रैकिंग और छापेमारी के बाद पुलिस ने इस्लामपुर इलाके में दबिश देकर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बच्ची को सुरक्षा में रखा गया है और उसे परिजनों के हवाले करने की प्रक्रिया चल रही है। गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। यह गिरोह ग्रामीण इलाकों की नाबालिग लड़कियों को झांसे में लेकर दूसरे राज्यों में बेचने का काम करता है। मामले में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी की जाएगी। पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं बच्ची की सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है।  

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