नेपाल के सोलुखुम्बु जिले (एवरेस्ट रीजन) में माउंट एवरेस्ट फतह करने का जुनून इन दिनों चरम पर है। इस सीजन कुल 55 देशों के रिकॉर्ड 492 पर्वतारोही एवरेस्ट फतह करने की कोशिश में हैं। इनमें सबसे ज्यादा चीन के 109 तो भारत के 61 पर्वतारोही शामिल हैं। इस बार रिकॉर्ड 101 महिला पर्वतारोही भी इस चुनौती का हिस्सा हैं। इस साल 17 से 21 मई के बीच पांच दिनों में बेस कैम्प से शिखर तक का सफर पूरा करना है। पर्वतारोही और शेरपा गाइडों को मिलाकर करीब 1,000 लोग चोटी की ओर बढ़ रहे हैं। चीन के तिब्बत वाले उत्तरी रूट के बंद होने से इस बार नेपाल रूट पर दबाव और बढ़ गया है। इस साल सीजन की शुरुआत में खुम्बू आइसफॉल में विशाल हिमखंड ने चढ़ाई रोकी थी, लेकिन रास्ता खुलते ही अभियान तेज हो गया। इसी भीड़ के बीच 56 वर्षीय कामी रीता शेरपा ने 32वीं बार एवरेस्ट फतह कर अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। वहीं 52 वर्षीय लख्पा शेरपा ने 11वीं बार शिखर छूकर किसी महिला द्वारा सर्वाधिक एवरेस्ट चढ़ाई का रिकॉर्ड और मजबूत किया। बता दें कि नेपाल सरकार हर साल औसतन 400 से ज्यादा परमिट जारी करती है। नेपाल ने इस बार विदेशी पर्वतारोही के परमिट की फीस में 36% की बढ़ोतरी की है। इस साल करीब 9 लाख रुपए फीस है।
मिशन एवरेस्ट:55 देशों के 492 पर्वतारोही इतिहास रचने को बेताब; चीन के 109, भारत के 61 पर्वतारोही शामिल


