डिलीवरी के बाद महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है Postpartum Kidney Failure का खतरा? डॉक्टर से जानिए कारण और बचाव

डिलीवरी के बाद महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है Postpartum Kidney Failure का खतरा? डॉक्टर से जानिए कारण और बचाव

Kidney Failure After Delivery: राजस्थान के कोटा में हाल ही में डिलीवरी और सी-सेक्शन के बाद कई महिलाओं की मौत ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन महिलाओं में किडनी फेल होना, यूरिन रुकना और गंभीर संक्रमण जैसे लक्षण देखने को मिले। ऐसे मामलों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर डिलीवरी के बाद महिलाओं में पोस्टपार्टम किडनी फेलियर (Postpartum Kidney Failure) का खतरा क्यों बढ़ जाता है।

नेफ्रोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांट डॉ. ए. के. शर्मा के मुताबिक, डिलीवरी के बाद शरीर काफी कमजोर हो जाता है और इस दौरान संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर समय पर सही इलाज और साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है।

क्या होता है Postpartum Kidney Failure?

डिलीवरी के बाद जब किडनी सही तरीके से काम करना बंद करने लगती है, तो उसे Postpartum Kidney Failure कहा जाता है। यह स्थिति अचानक भी हो सकती है और कई बार धीरे-धीरे गंभीर बनती जाती है।

डिलीवरी के बाद किडनी पर असर क्यों पड़ता है?

डॉ. ए. के. शर्मा बताते हैं कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • अस्पताल में संक्रमण होना
  • ऑपरेशन के दौरान बैक्टीरिया फैलना
  • ज्यादा ब्लीडिंग
  • शरीर में पानी की कमी
  • हाई ब्लड प्रेशर या प्रेग्नेंसी की दूसरी जटिलताएं
  • लंबे समय तक कैथेटर लगे रहना

कई बार सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को यूरिन पास करने में परेशानी होती है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो संक्रमण बढ़ सकता है।

कौन-कौन से लक्षण दिख सकते हैं?

अगर डिलीवरी के बाद ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

  • पेशाब कम आना
  • पेशाब में जलन या दर्द
  • पेट या कमर में तेज दर्द
  • सूजन बढ़ना
  • बुखार
  • कमजोरी और चक्कर
  • उल्टी या घबराहट

डॉक्टरों के मुताबिक, कई महिलाएं शुरुआत के लक्षणों को सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

संक्रमण कैसे बन सकता है बड़ा खतरा?

अगर अस्पताल में साफ-सफाई या संक्रमण नियंत्रण ठीक न हो, तो बैक्टीरिया शरीर में फैल सकते हैं। यही संक्रमण ब्लड और किडनी तक पहुंचकर जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है।

कैसे करें बचाव?

डिलीवरी के बाद साफ-सफाई का खास ध्यान रखें

  • पर्याप्त पानी पिएं
  • पेशाब रोककर न रखें
  • बुखार या दर्द होने पर तुरंत जांच करवाएं
  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें
  • नियमित फॉलो-अप करवाते रहें

समय पर इलाज है सबसे जरूरी

डॉ. शर्मा का कहना है कि अगर संक्रमण और किडनी की समस्या का समय रहते पता चल जाए, तो इलाज संभव है। लेकिन लापरवाही जानलेवा बन सकती है। डिलीवरी के बाद महिलाओं की सेहत को हल्के में नहीं लेना चाहिए। थोड़ी-सी जागरूकता और समय पर इलाज कई जिंदगियां बचा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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