भोजपुर में हेडमास्टर नीरज पाल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक माह से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पहचान तुलसी छपरा गांव निवासी कन्हैया पाल के रूप में हुई है। गिरफ्तारी टाउन थाना क्षेत्र से की गई। 23 अप्रैल की सुबह सिन्हा थाना क्षेत्र के तुलसी छपरा गांव स्थित बधार में नीरज कुमार पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने उन्हें काफी नजदीक से गोली मारी थी। एक गोली सीने के दाहिने हिस्से में, जबकि दूसरी गर्दन के नीचे कंधे के पास लगी थी। मौके पर ही मौत हो गई थी। छह लोगों पर FIR प्रारंभिक जांच में नाली विवाद को लेकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद मृतक के भाई अनिल पाल ने गांव के ही कन्हैया पाल, उसके भाई शिवजी पाल समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसके बाद से मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। आखिरकार पुलिस ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। भोजपुर में हेडमास्टर नीरज पाल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक माह से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पहचान तुलसी छपरा गांव निवासी कन्हैया पाल के रूप में हुई है। गिरफ्तारी टाउन थाना क्षेत्र से की गई। 23 अप्रैल की सुबह सिन्हा थाना क्षेत्र के तुलसी छपरा गांव स्थित बधार में नीरज कुमार पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने उन्हें काफी नजदीक से गोली मारी थी। एक गोली सीने के दाहिने हिस्से में, जबकि दूसरी गर्दन के नीचे कंधे के पास लगी थी। मौके पर ही मौत हो गई थी। छह लोगों पर FIR प्रारंभिक जांच में नाली विवाद को लेकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद मृतक के भाई अनिल पाल ने गांव के ही कन्हैया पाल, उसके भाई शिवजी पाल समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसके बाद से मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। आखिरकार पुलिस ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया।


