MP BJP- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इलाके गुना में भाजपा में पिछले कुछ समय से पदाधिकारियों के बीच सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ जारी टीका-टिप्पणी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी की अंदरूनी कलह उस समय एक फिर उजागर हो गई जब पिछड़ा वर्ग मोर्चा महामंत्री ने पद से त्यागपत्र दे दिया। कुछ दिन पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष केपी यादव के समर्थकों को भाजपा की स्थानीय इकाई ने कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा था। इनका जवाब आने से पूर्व ही पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में मिले नोटिस के बाद सोमवार को वरिष्ठ बीजेपी नेता व भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री चंद्रपाल किरार (बंटी) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार को अपना त्यागपत्र भेजते हुए पार्टी पर पिछले तीन वर्षों से लगातार उपेक्षा करने और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
विवाद की शुरुआत दो दिन पहले हुई थी, जब भाजपा जिला महामंत्री रवींद्र रघुवंशी (टिल्लू) ने पार्टी संगठन के निर्देश पर 16 मई 26 को चंद्रपाल किरार को नोटिस जारी किया था। आरोप लगाया गया था कि चंद्रपाल किरार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पार्टी विरोधी और अनुशासनहीन टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे दल की छवि धूमिल हो रही है। उनसे तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा था और जवाब न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
नोटिस के जवाब में स्पष्टीकरण देने के बजाय चंद्रपाल किरार ने सोमवार को सीधे अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने पत्र में लिखा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की जिससे पार्टी की छवि खराब हो। यदि अनजाने में कोई गलत पोस्ट हुई हो तो वे क्षमा प्रार्थी हैं।
चंद्रपाल किरार ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से पार्टी संगठन उन्हें लगातार अनदेखा कर रहा है। मूल कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। न तो उन्हें जिले की बैठकों में बुलाया जाता और न ही पार्टी के अन्य कार्यक्रमों की सूचना दी जाती है। इस लगातार हो रही अनदेखी के कारण उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंची है, जिसके चलते वे अपने पद से त्यागपत्र दे रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं के रुख का इंतजार
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री चंद्रपाल किरार द्वारा त्यागपत्र दे दिए जाने से जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी के स्थानीय नेता मौन हो गए हैं। फिलहाल वरिष्ठ नेताओं के रुख का इंतजार किया जा रहा है।


