Petrol Diesel Price Today: तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाए दाम, देश में पेट्रोल 86 पैसे और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा

Petrol Diesel Price Today: तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाए दाम, देश में पेट्रोल 86 पैसे और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा

Petrol Diesel Rates India: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अन्य देशों की तरह अब भारत पर भी दिखने लगा है। दरअसल, तेल कंपनियों ने एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। तेल कंपनियों ने दूसरी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। इस बार पेट्रोल 86 पैसे और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई यह वृद्धि आम जनता के लिए दोहरा झटका है, क्योंकि गत शुक्रवार यानी 15 मई को ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपए की बढ़ोतरी की थी। एक सप्ताह के भीतर तेल कंपनियों द्वारा ईंधन की कीमतों में दूसरी बार वृद्धि की गई है। कीमतों में की गई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में डीजल 91.58 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल 98.64 रुपए प्रति लीटर में उपलब्ध है।

चार मेट्रो शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद चार मेट्रो शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम इस प्रकार हैं-

पेट्रोल की कीमतें

शहर कीमत (Rs) बढ़ोतरी
दिल्ली 98.64 +0.87
कोलकाता 109.70 +0.96
मुंबई 107.59 +0.91
चेन्नई 104.49 +0.82

हाई स्पीड डीजल की कीमतें

शहर कीमत (Rs) बढ़ोतरी
दिल्ली 91.58 +0.91
कोलकाता 96.07 +0.94
मुंबई 94.08 +0.94
चेन्नई 96.11 +0.86

वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जो तेजी आई है, उसे पूरी तरह से समायोजित करने के लिए यह बढ़ोतरी अभी पर्याप्त नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी संकट के चलते तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।

आज एक बार फिर कीमतों में हुई बढ़ोतरी यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। इसका असर सीधे तौर पर बाजार पर पड़ सकता है और फल, सब्जियां तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं।

आपको बता दें कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव देश में ईंधन की कीमतों पर पड़ता है। सरकार और तेल कंपनियां मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं, लेकिन फिलहाल आम जनता को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे लोगों की आर्थिक चिंता भी बढ़ती जा रही है।

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