भास्कर न्यूज | बक्सर नगर के चर्चित पार्वती मेमोरियल अस्पताल मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। 12 मई को हुए इस पूरे विवाद में जहां एक ओर परिजन अस्पताल पर लापरवाही और ऑक्सीजन बंद करने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने इसे डॉक्टरों और स्टाफ पर हमला बताते हुए पलटवार किया है। मामला अब और तूल पकड़ चुका है क्योंकि नगर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप: “ऑक्सीजन के बदले मांगे गए 1 लाख रूपये, नहीं देने पर मौत” मृतका निर्मला देवी के बेटे अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि 12 मई की शाम वे अपनी मां को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि इलाज के दौरान ऑक्सीजन सपोर्ट बंद था और जब इसे चालू करने की बात कही गई तो अस्पताल प्रबंधन द्वारा कथित रूप से ₹1 लाख की मांग की गई। परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर ऑक्सीजन चालू नहीं किया गया और विरोध करने पर अस्पताल प्रबंधक अनिल कुमार सिंह सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना में उनके भतीजे पुष्कर राज के सिर पर धारदार हथियार से हमला हुआ, राजेश कुमार की उंगली टूट गई और प्रफुल्ल राज के गले से सोने की चेन छीनने का भी आरोप है। परिजनों का कहना है कि बाद में वे मरीज को दूसरे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका आरोप है कि अगर समय पर ऑक्सीजन और इलाज मिलता तो उनकी मां की जान बच सकती थी। पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज बनी अहम कड़ी ^ नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे घटना की असल सच्चाई सामने आ सके। 27 अप्रैल को भी महिला की मौत के बाद चर्चा में आया था अस्पताल बीते 27 अप्रैल को भी इस अस्पताल में प्रसव के बाद इलाजरत एक महिला को तबीयत खराब होने पर दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था, जहां पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई। उसके बाद इस अस्पताल की महिला चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगे थे। भास्कर न्यूज | बक्सर नगर के चर्चित पार्वती मेमोरियल अस्पताल मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। 12 मई को हुए इस पूरे विवाद में जहां एक ओर परिजन अस्पताल पर लापरवाही और ऑक्सीजन बंद करने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने इसे डॉक्टरों और स्टाफ पर हमला बताते हुए पलटवार किया है। मामला अब और तूल पकड़ चुका है क्योंकि नगर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप: “ऑक्सीजन के बदले मांगे गए 1 लाख रूपये, नहीं देने पर मौत” मृतका निर्मला देवी के बेटे अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि 12 मई की शाम वे अपनी मां को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि इलाज के दौरान ऑक्सीजन सपोर्ट बंद था और जब इसे चालू करने की बात कही गई तो अस्पताल प्रबंधन द्वारा कथित रूप से ₹1 लाख की मांग की गई। परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर ऑक्सीजन चालू नहीं किया गया और विरोध करने पर अस्पताल प्रबंधक अनिल कुमार सिंह सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना में उनके भतीजे पुष्कर राज के सिर पर धारदार हथियार से हमला हुआ, राजेश कुमार की उंगली टूट गई और प्रफुल्ल राज के गले से सोने की चेन छीनने का भी आरोप है। परिजनों का कहना है कि बाद में वे मरीज को दूसरे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका आरोप है कि अगर समय पर ऑक्सीजन और इलाज मिलता तो उनकी मां की जान बच सकती थी। पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज बनी अहम कड़ी ^ नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे घटना की असल सच्चाई सामने आ सके। 27 अप्रैल को भी महिला की मौत के बाद चर्चा में आया था अस्पताल बीते 27 अप्रैल को भी इस अस्पताल में प्रसव के बाद इलाजरत एक महिला को तबीयत खराब होने पर दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था, जहां पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई। उसके बाद इस अस्पताल की महिला चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगे थे।


