करेह नदी में पहली बार दिखा मगरमच्छ:ग्रामीणों में दहशत, लोग बोले- करेह नदी में पहली बार दिखा

करेह नदी में पहली बार दिखा मगरमच्छ:ग्रामीणों में दहशत, लोग बोले- करेह नदी में पहली बार दिखा

समस्तीपुर जिले के शिवाजी नगर प्रखंड में स्थित बरियाही घाट की करेह नदी में रविवार को पहली बार एक मगरमच्छ देखा गया। इस घटना से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह जीव घड़ियाल जैसा प्रतीत हो रहा था और इसका वजन लगभग 25 से 30 किलोग्राम बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मगरमच्छ को नदी की धारा में पूरब दिशा से पश्चिम दिशा की ओर बोराज गांव से भटोरा गांव की तरफ बढ़ते हुए देखा गया। नदी में मगरमच्छ दिखाई देने की खबर तेजी से फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र की करेह नदी में पहले कभी मगरमच्छ या घड़ियाल नहीं देखा गया था। अचानक इस जलीय जीव के दिखने से लोगों में भय व्याप्त है। विशेषकर नदी किनारे जाने वाले किसानों, पशुपालकों और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। फिलहाल, ग्रामीणों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने और बच्चों को नदी से दूर रखने की अपील की जा रही है। समस्तीपुर जिले के शिवाजी नगर प्रखंड में स्थित बरियाही घाट की करेह नदी में रविवार को पहली बार एक मगरमच्छ देखा गया। इस घटना से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह जीव घड़ियाल जैसा प्रतीत हो रहा था और इसका वजन लगभग 25 से 30 किलोग्राम बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मगरमच्छ को नदी की धारा में पूरब दिशा से पश्चिम दिशा की ओर बोराज गांव से भटोरा गांव की तरफ बढ़ते हुए देखा गया। नदी में मगरमच्छ दिखाई देने की खबर तेजी से फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र की करेह नदी में पहले कभी मगरमच्छ या घड़ियाल नहीं देखा गया था। अचानक इस जलीय जीव के दिखने से लोगों में भय व्याप्त है। विशेषकर नदी किनारे जाने वाले किसानों, पशुपालकों और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। फिलहाल, ग्रामीणों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने और बच्चों को नदी से दूर रखने की अपील की जा रही है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *