बिहार सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, शंकरपुर प्रखंड की सोनवर्षा और जिरवा मधैली पंचायतों में मंगलवार, 19 मई को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शंकरपुर प्रखंड में इन शिविरों की शुरुआत इसी मंगलवार से होगी। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को अपनी शिकायतों के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाना है। इससे उनके समय और श्रम की बचत होगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तेज प्रताप त्यागी ने बताया कि शिविरों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शंकरपुर के इन शिविरों में नोडल जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी और आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) स्वयं उपस्थित रहेंगी। इसके अतिरिक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जन वितरण प्रणाली (राशन), शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और जलापूर्ति विभाग के अधिकारी व कर्मी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। ये सभी अधिकारी शिकायतों का पंजीकरण कर उनका तत्काल निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। बीडीओ तेज प्रताप त्यागी ने आगे बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। पंचायत स्तर पर ही विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान होने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और जन-विश्वास मजबूत होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि अलग-अलग तिथियों पर नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 और ऑनलाइन सहयोग पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। प्रखंड प्रशासन ने सोनवर्षा और जिरवा मधैली के ग्रामीणों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस महत्वपूर्ण पहल का लाभ उठाएं। बिहार सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, शंकरपुर प्रखंड की सोनवर्षा और जिरवा मधैली पंचायतों में मंगलवार, 19 मई को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शंकरपुर प्रखंड में इन शिविरों की शुरुआत इसी मंगलवार से होगी। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को अपनी शिकायतों के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाना है। इससे उनके समय और श्रम की बचत होगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तेज प्रताप त्यागी ने बताया कि शिविरों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शंकरपुर के इन शिविरों में नोडल जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी और आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) स्वयं उपस्थित रहेंगी। इसके अतिरिक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जन वितरण प्रणाली (राशन), शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और जलापूर्ति विभाग के अधिकारी व कर्मी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। ये सभी अधिकारी शिकायतों का पंजीकरण कर उनका तत्काल निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। बीडीओ तेज प्रताप त्यागी ने आगे बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। पंचायत स्तर पर ही विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान होने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और जन-विश्वास मजबूत होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि अलग-अलग तिथियों पर नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 और ऑनलाइन सहयोग पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। प्रखंड प्रशासन ने सोनवर्षा और जिरवा मधैली के ग्रामीणों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस महत्वपूर्ण पहल का लाभ उठाएं।


