मुजफ्फरपुर जिले के गरहाँ थाना क्षेत्र से अपहृत एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने सोमवार को 11 दिनों के भीतर बरामद कर लिया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। लड़की को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ उसने अपने माता-पिता के साथ जाने की इच्छा जताई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, लड़की का अपहरण 5 मई को हुआ था। कई दिनों तक खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर अपहृत की माँ ने 7 मई को गरहाँ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें मुख्य आरोपी कमलेश कुमार सहित पाँच लोगों को नामजद किया गया था। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी और लगातार छापेमारी शुरू की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर पटियाशा गाँव के पास से नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कीं और लड़की को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ उसका बयान दर्ज किया गया। गरहां थाना प्रभारी ने बताया कि अपहृत लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। न्यायालय में बयान के दौरान लड़की ने अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर उसे परिवार को सौंप दिया गया। मामले में आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई जारी है। मुजफ्फरपुर जिले के गरहाँ थाना क्षेत्र से अपहृत एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने सोमवार को 11 दिनों के भीतर बरामद कर लिया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। लड़की को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ उसने अपने माता-पिता के साथ जाने की इच्छा जताई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, लड़की का अपहरण 5 मई को हुआ था। कई दिनों तक खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर अपहृत की माँ ने 7 मई को गरहाँ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें मुख्य आरोपी कमलेश कुमार सहित पाँच लोगों को नामजद किया गया था। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी और लगातार छापेमारी शुरू की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर पटियाशा गाँव के पास से नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कीं और लड़की को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ उसका बयान दर्ज किया गया। गरहां थाना प्रभारी ने बताया कि अपहृत लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। न्यायालय में बयान के दौरान लड़की ने अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर उसे परिवार को सौंप दिया गया। मामले में आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई जारी है।


