मुजफ्फरनगर के पुरकाजी बिजलीघर पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने एसडीओ पुरकाजी के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। धरने का नेतृत्व भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी ने किया। भाकियू नेताओं ने बिजली विभाग पर किसानों और संगठन कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी तथा अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि ‘दिमाग को सही करके काम करें। किसान-मजदूरों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी लोगों को घंटों धूप में बैठाए रखते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करते। भाकियू नेताओं ने यह भी कहा कि यदि बिजली विभाग की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कई घंटे तक चले इस धरने के बाद प्रशासन हरकत में आया। मौके पर नायब तहसीलदार को भेजा गया, जिसके बाद एसडीओ पुरकाजी ने अपनी कार्यशैली के लिए खेद व्यक्त किया और माफी मांगी। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने का आश्वासन भी दिया। प्रशासन और बिजली विभाग से आश्वासन मिलने के बाद भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ दुर्व्यवहार या उनकी समस्याओं की अनदेखी दोबारा हुई तो संगठन और बड़ा आंदोलन करेगा। इस धरने में पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष मोनू प्रधान सहित संगठन के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।


