इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक न्यूज चैनल की रिपोर्टर होने का गलत दावा करने और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ फोटो में चैनल का लोगो गलत तरीके से इस्तेमाल करने के मामले में आरोपी मनीषा ठाकुर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र एवं न्यायमूर्ति पद्म नारायण मिश्र की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस भी जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। क्या है मामला जानिये न्यूज चैनल के संवाददाता मदन गोपाल शर्मा ने बीते अप्रैल माह में मनीषा ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा आरोप लगाया कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक फोटो और अन्य भ्रामक पोस्ट प्रसारित किए थे। फोटो में वह मथुरा व्यवसायी राजीव बृजवासी और उनके बेटे के साथ मुख्यमंत्री के सामने बैठी दिख रही हैं। फोटो में मुख्यमंत्री की मेज पर रखा एक माइक्रोफोन साफतौर पर दिख रहा है जिस पर न्यूज चैनल का लोगो लगा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपी ने जानबूझकर खुद को प्रतिष्ठित न्यूज चैनल की अधिकृत पत्रकार के रूप में पेश करने की कोशिश की जबकि मीडिया संगठन से उसका कोई संबंध नहीं है। शिकायत में आगे कहा गया है कि चैनल के नाम, लोगो और माइक्रोफोन आईडी का यह प्रतिरूपण और दुरुपयोग पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और अवैध है, जिसका उद्देश्य अनुचित प्रभाव डालना और जनता को धोखा देना था।


