लखनऊ के जवाहर भवन में सोमवार को जेबी पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक आयोजित की गई। बलदाऊ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और केंद्र तथा राज्य सरकार से कई मांगें उठाई गईं। बैठक में आठवें वेतन आयोग में पेंशन को ‘अनफंडेड’ बताए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। पेंशनरों ने इसे कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के हितों के खिलाफ एक साजिश करार दिया। इस मुद्दे पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। लंबित मेडिकल क्लेम पर भी असंतोष व्यक्त किया पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठी। वक्ताओं ने तर्क दिया कि नई पेंशन व्यवस्था से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है, इसलिए पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाना चाहिए। पेंशनरों ने विभिन्न विभागों में लंबित मेडिकल क्लेम पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने मांग की कि सभी मेडिकल क्लेम का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि बुजुर्ग पेंशनरों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। अतिरिक्त पेंशन देने की मांग रखी इसके अतिरिक्त, पेंशन राशिकरण की 15 वर्षों तक की जा रही वसूली को बंद करने की मांग भी उठाई गई। साथ ही, संसद की सुझाव समिति की सिफारिशों के अनुरूप सेवानिवृत्ति के पांच साल बाद अतिरिक्त पेंशन देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। बैठक में अश्वनी पांडे, सुभाष श्री, मुकुल महान, हरिमोहन पाल, आरपी यादव, उमाकांत मिश्रा, कालिका प्रसाद, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, अंबिका सिंह, अशोक गुप्ता, दिनेश खरे और विमलेश कुमार श्रीवास्तव सहित कई पेंशनरों ने अपने विचार साझा किए।


