शिवहर पुलिस अधीक्षक ने 18 मई को न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और अभियोजन कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए एक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में संबंधित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। न्यायिक प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को तेजी से निपटाने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में अनुसंधान पूरा हो चुका है, उनमें समय पर आरोप पत्र दाखिल किए जाएं। उन्होंने न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने को भी कहा। एसपी ने अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर तालमेल बनाकर दोषियों के विरुद्ध त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारी पूरी गंभीरता से कार्य करें बैठक के दौरान न्यायालयों में लंबित गंभीर मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने पर जोर दिया। साथ ही, न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर भी बल दिया। शिवहर पुलिस अधीक्षक ने 18 मई को न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और अभियोजन कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए एक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में संबंधित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। न्यायिक प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को तेजी से निपटाने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में अनुसंधान पूरा हो चुका है, उनमें समय पर आरोप पत्र दाखिल किए जाएं। उन्होंने न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने को भी कहा। एसपी ने अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर तालमेल बनाकर दोषियों के विरुद्ध त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारी पूरी गंभीरता से कार्य करें बैठक के दौरान न्यायालयों में लंबित गंभीर मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने पर जोर दिया। साथ ही, न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर भी बल दिया।


