इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह गया, अस्पताल में मनाया था जन्मदिन, मुंबई में पेड़ गिरने से घायल 15 साल की बच्ची ने तोड़ा दम

इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह गया, अस्पताल में मनाया था जन्मदिन, मुंबई में पेड़ गिरने से घायल 15 साल की बच्ची ने तोड़ा दम

Student Death Mumbai: जिंदगी और मौत के बीच एक हफ्ते तक चली लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार 10वीं कक्षा की एक होनहार छात्रा जिंदगी की जंग हार गई। मुंबई के खार इलाके में एक ऑटो रिक्शा पर पेड़ गिरने के हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई 15 साल की आरिका श्रीवास्तव ने हिंदुजा अस्पताल में दम तोड़ दिया। दिल को झकझोर देने वाली बात यह है कि महज पांच दिन पहले ही आरिका ने अस्पताल के आईसीयू (ICU) बेड पर ही अपना 15वां जन्मदिन मनाया था।

इंजीनियर बनने का था सपना

आपको बता दें कि मुंबई के मलाड ईस्ट की रहने वाली आरिका ने हाल ही में 9वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की थी और वह भविष्य को लेकर काफी उत्साहित थी। वह बड़ी होकर एक इंजीनियर बनना चाहती थी। उसके परिवार ने बताया कि आरिका ने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए ‘नारायणा कोचिंग सेंटर’ से आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) की तैयारी भी शुरू कर दी थी और साथ ही 10वीं क्लास की पढ़ाई की शुरुआत करने वाली थी।

आरिका के चाचा एस. के. श्रीवास्तव ने भरे गले से बताया कि आरिका ने अभी-अभी नौवीं क्लास पास की थी और वह दसवीं की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी में जुटी थी। 10 मई को हुए हादसे के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 मई को उसने अस्पताल के बिस्तर पर ही अपने जीवन के 15 साल पूरे किए थे। हमें उम्मीद थी कि वह ठीक हो जाएगी, लेकिन वह हमें छोड़कर चली गई।

सहेलियों के साथ लंच पर जाते समय हुआ था हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी त्रासदी 10 मई 2026 को शुरू हुई थी। आरिका अपनी बड़ी बहन मनस्वी श्रीवास्तव के साथ बांद्रा में अपनी दोस्त हर्षिता कुमार से मिलने गई थी। हर्षिता के घर पर कुछ वक्त बिताने के बाद, तीनों सहेलियों ने दोपहर का खाना (लंच) खाने के लिए खार जाने का फैसला किया और एक ऑटो रिक्शा बुक किया। वे लंच के लिए जा ही रही थीं कि लिंकिंग रोड पर राजकुमार ज्वैलर्स के पास एक निर्माणाधीन इमारत (Under-construction building) के परिसर से एक भारी-भरकम पेड़ अचानक उनके चलते ऑटो रिक्शा पर आ गिरा।

हफ्ते भर से आईसीयू में चल रहा था इलाज

इस भयानक हादसे में आरिका की बड़ी बहन मनस्वी का पैर फ्रैक्चर हो गया था, लेकिन आरिका और उसकी सहेली हर्षिता के सिर पर बेहद गंभीर चोटें आईं। दोनों के सिर की हड्डी (स्कल फ्रैक्चर) टूट गई थी और वे मौके पर ही बेहोश हो गई थीं। ऑटो रिक्शा चालक ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को तुरंत हिंदुजा अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के आईसीयू में आरिका और हर्षिता पिछले एक हफ्ते से वेंटिलेटर पर अपनी जिंदगी के लिए जूझ रही थीं, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर आरिका को नहीं बचा सके। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार और मलाड इलाके में मातम पसरा हुआ है।

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