Raj Kapoor Dilip Kumar Haveli: पाकिस्तान के पेशावर में बॉलीवुड के ट्रैजिडी किंग दिलीप कुमार और शोमैन राज कपूर के पुश्तैनी हवेलियों पर संकट मंडरा रहा है। इसका कारण है भारी बारिश और लगातार आने वाले भूकंप के झटके जिससे ये इमारतें कमजोर हो गईं हैं। दिन पर दिन सदियों पुरानी ये इमारतें जर्जर हो गईं हैं और गिरने की कगार पर हैं। पाकिस्तान ने कई साल पहले इन हवेलियों को ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया था और उनकी मरम्मत के लिए पैसे भी मंजूर किए थे। लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोग और विशेषज्ञ चिंतित हैं।
पाकिस्तान में दिलीप कुमार-राज कपूर के पुश्तैनी घरों पर गिरने का खतरा
हेरिटेज एक्सपर्ट्स और स्थानीय लोगों ने रविवार (17 मई) को कहा कि पेशावर में स्थित दिग्गज भारतीय अभिनेताओं दिलीप कुमार और राज कपूर के पुश्तैनी घर कभी भी ढह सकते हैं। हाल ही में पाकिस्तान में आए भूकंप के कारण बारिश से जर्जर हो चुके ये हवेलियां अब सुरक्षित नहीं हैं।
बता दें कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं की सालों पुरानी ये हवेलियां पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी में स्थित हैं। जानकारी के लिए बता दें कि इन दोनों घरों को पाकिस्तान सरकार ने 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। गौरतलब है कि मानसून से पहले की बारिश और बरसात का मौसम शुरू होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, ऐसे में विशेषज्ञों ने सरकार का ध्यान इन इमारतों की बुरी स्थिति की ओर दिलाया है और इन ऐतिहासिक इमारतों के तत्काल संरक्षण की मांग की है।
दिलीप कुमार की हवेली
पाकिस्तान में स्थित दिलीप कुमार का ये घर कभी लोगों और खुशियों से भरा रहता था, लेकिन अब यह सुनसान खंडहर जैसा दिखता है। मोहल्ला खुदादाद में बना ये घर पेशावरी शैली की खास इमारत है। इसकी हालत बहुत खराब हो चुकी है। कई कमरों की छतें गिर गई हैं और हर बारिश के साथ दीवारें टूटकर मलबे में बदल रही हैं।
पृथ्वीराज कपूर का घर थी ‘कपूर हवेली’

जानकारी के लिए बता दें कि राज कपूर की हवेली के बगल में छपाई की दुकान चलाने वाले आबिद हुसैन ने इमारत की जर्जर हालत पर चिंता व्यक्त की। हुसैन ने कहा, “हाल के महीनों में भारी बारिश और तेज भूकंप के झटकों ने इमारत को बुरी तरह कमजोर कर दिया है, जिससे इसकी दीवारों और नींव में गहरी दरारें पड़ गई हैं, जो किसी भी क्षण एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।”
बंटवारे से पहले पृथ्वीराज कपूर, जो कपूर परिवार के पहले सदस्य थे का घर थी ‘कपूर हवेली’। पृथ्वीराज कपूर ने फिल्म उद्योग में कदम रखा। इस घर का निर्माण उनके पिता दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच करवाया था। राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म यहीं हुआ था।
सरकार इन ऐतिहासिक इमारतों को नजरअंदाज कर रही है
खैबर पख्तूनख्वा की सांस्कृतिक धरोहर परिषद के सचिव शकील वहीदुल्लाह ने कहा कि सरकार इन ऐतिहासिक इमारतों को बचाने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है, जिससे उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। 2021-22 में सरकार ने राज कपूर और दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर खरीदने और उन्हें संग्रहालय बनाने के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए थे। इसके बाद जुलाई 2025 में मरम्मत और संरक्षण के लिए भी फंड जारी किया गया, लेकिन पांच साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि पैसों और संसाधनों की कमी की वजह से काम अटका हुआ है, हालांकि सरकार अब भी इन इमारतों को संग्रहालय में बदलने की योजना पर गंभीर है। वहीं, निवासियों और धरोहर कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब इन घरों को केवल आधिकारिक बयानों की नहीं, बल्कि तत्काल मरम्मत कार्यों की जरूरत है।


