Pulse Test से मिल सकते हैं Heart Disease के शुरुआती संकेत, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया नाड़ी चेक करने का सही तरीका

Pulse Test से मिल सकते हैं Heart Disease के शुरुआती संकेत, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया नाड़ी चेक करने का सही तरीका

Heart Disease Symptoms: आजकल सोशल मीडिया पर एक आसान 2-फिंगर पल्स टेस्ट काफी वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि सिर्फ दो उंगलियों से नाड़ी चेक करके दिल की सेहत के शुरुआती संकेत पता लगाए जा सकते हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि यह टेस्ट किसी बीमारी की पक्की पहचान नहीं करता, लेकिन कई बार शरीर के जरूरी संकेत जरूर दे सकता है।

Healthline की जानकारी और विशेषज्ञों की राय के मुताबिक, अगर पल्स बहुत तेज, बहुत धीमी या अनियमित महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल गोरखपुर में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता बताते हैं कि यह तरीका दिल की धड़कन और ब्लड सर्कुलेशन के बारे में शुरुआती संकेत दे सकता है। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह जागरूकता बढ़ाने वाला तरीका है, जिन्हें पहले से हाई बीपी, डायबिटीज या हार्ट की समस्या है।

कैसे करें 2-फिंगर पल्स टेस्ट?

इस टेस्ट के लिए आपको सिर्फ अपनी दो उंगलियों का इस्तेमाल करना होता है। सबसे पहले 5 मिनट तक आराम से बैठ जाएं। अब अपनी तर्जनी (Index Finger) और बीच वाली उंगली (Middle Finger) को कलाई में अंगूठे के नीचे रखें। चाहें तो गर्दन के साइड में भी नाड़ी महसूस कर सकते हैं। 30 सेकंड तक धड़कन गिनें। फिर उस संख्या को 2 से गुणा कर लें। इससे आपको एक मिनट की हार्ट रेट पता चल जाएगी।

कैसी पल्स हो सकती है खतरे का संकेत?

डॉक्टर रोहित गुप्ता के मुताबिक, अगर धड़कन बहुत तेज, बहुत धीमी या बीच-बीच में रुकती महसूस हो रही है, तो यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है। इन लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए:

  • धड़कन का अचानक तेज हो जाना
  • दिल का फड़फड़ाना
  • पल्स का कमजोर महसूस होना
  • धड़कन का अनियमित होना
  • सांस फूलना या चक्कर आना

कई बार ऐसी स्थिति एरिदमिया यानी दिल की धड़कन की गड़बड़ी का संकेत हो सकती है।

किन बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा?

अनियमित पल्स कई कारणों से हो सकती है, जैसे

  • तनाव और चिंता
  • शरीर में पानी की कमी
  • थायरॉयड की समस्या
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हार्ट रिदम डिसऑर्डर

हालांकि सिर्फ पल्स टेस्ट के आधार पर हार्ट डिजीज की पुष्टि नहीं की जा सकती।

ये टेस्ट किन चीजों को नहीं पकड़ पाता?

डॉक्टर का कहना है कि कई गंभीर दिल की बीमारियां बिना किसी पल्स बदलाव के भी हो सकती हैं। जैसे ब्लॉकेज, साइलेंट हार्ट डिजीज, शुरुआती हार्ट फेलियर, हाई ब्लड प्रेशर शामिल है। ऐसी स्थिति में ECG, ब्लड टेस्ट, इको और दूसरे हार्ट टेस्ट जरूरी हो सकते हैं।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?

40 साल से ज्यादा उम्र के लोग, डायबिटीज मरीज, मोटापे से परेशान लोग, स्मोकिंग करने वाले और जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, उन्हें नियमित हार्ट चेकअप जरूर कराना चाहिए। डॉक्टर गुप्ता का कहना है कि अपने शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को समझना ही दिल को स्वस्थ रखने की पहली सीढ़ी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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