सम्राट कैबिनेट के आधे मंत्रियों पर क्रिमिनल केस:90% करोड़पति, सबसे अमीर मंत्री रमा निषाद; महिला प्रतिनिधित्व सिर्फ 14 फीसदी

सम्राट कैबिनेट के आधे मंत्रियों पर क्रिमिनल केस:90% करोड़पति, सबसे अमीर मंत्री रमा निषाद; महिला प्रतिनिधित्व सिर्फ 14 फीसदी

बिहार सरकार के मंत्रियों को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री समेत 35 मंत्रियों वाली सम्राट चौधरी कैबिनेट में से 31 मंत्रियों के चुनावी शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, करीब आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं। यह रिपोर्ट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और विधान परिषद चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा दाखिल शपथपत्रों के आधार पर तैयार की गई है। जदयू के अशोक चौधरी और बीजेपी के डॉ. प्रमोद कुमार का विश्लेषण इसमें शामिल नहीं है, क्योंकि दोनों वर्तमान में मनोनीत विधान परिषद सदस्य हैं और उनके शपथपत्र सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। आरएलएम के दीपक प्रकाश और जदयू के निशांत कुमार का विश्लेषण भी नहीं किया गया, क्योंकि वे फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। ADR रिपोर्ट में बिहार सरकार के 31 मंत्रियों के आपराधिक रिकॉर्ड और संपत्ति को लेकर कई बड़े खुलासे किए गए है। देखिए पूरी रिपोर्ट… 48 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मंत्रियों में से 15 यानी 48 फीसदी मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें 9 मंत्री यानी 29 फीसदी ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सभी दलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी के 15 मंत्रियों में से 7 मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 5 मंत्रियों पर गंभीर मामले हैं। जदयू के 13 मंत्रियों में से 5 ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जबकि 2 मंत्रियों पर गंभीर आरोप हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के एकमात्र मंत्री ने भी अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामला घोषित किया है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के दोनों मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। इनमें से एक मंत्री पर गंभीर मामला दर्ज है। 90 फीसदी मंत्री करोड़पति, JDU के सभी करोड़पति रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार सरकार के 31 में से 28 मंत्री यानी 90 फीसदी करोड़पति हैं। मंत्रियों की औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपए बताई गई है। सबसे अधिक संपत्ति औरंगाबाद सीट से मंत्री रमा निषाद के पास है। उन्होंने अपने शपथपत्र में 31.86 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वहीं सबसे कम संपत्ति बखरी से मंत्री संजय कुमार के पास है, जिन्होंने 22.30 लाख रुपए की संपत्ति घोषित की है। 65 फीसदी मंत्रियों पर देनदारी, सबसे ज़्यादा कर्जदार श्वेता गुप्ता ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, कई मंत्रियों ने बैंक लोन, व्यावसायिक कर्ज और अन्य वित्तीय देनदारियों का भी उल्लेख किया है। रिपोर्ट में सामने आया है कि 31 में से 20 मंत्रियों यानी 65 फीसदी ने अपने ऊपर देनदारी घोषित की है। शिवहर से मंत्री श्वेता गुप्ता पर सबसे ज्यादा 4.05 करोड़ रुपए की देनदारी दर्ज है। शैक्षणिक योग्यता में ज्यादातर मंत्री ग्रेजुएट शैक्षणिक योग्यता के आंकड़ों के अनुसार 31 में से 22 मंत्री यानी 71 फीसदी स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। वहीं 8 मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 10वीं और 12वीं के बीच बताई है। एक मंत्री ने खुद को डिप्लोमा धारक बताया है। 81 फीसदी मंत्री 50 साल से अधिक उम्र के उम्र के आंकड़ों के अनुसार बिहार सरकार में अनुभव वाले नेताओं का दबदबा कायम है। रिपोर्ट बताती है कि 31 में से 25 मंत्रियों यानी 81 फीसदी की उम्र 51 से 80 साल के बीच है। वहीं केवल 6 मंत्री ऐसे हैं, जिनकी उम्र 30 से 50 साल के बीच है। महिला प्रतिनिधित्व अब भी कम रिपोर्ट के अनुसार बिहार मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व अब भी सीमित है। 35 मंत्रियों में से केवल 5 महिला मंत्री हैं, जो कुल मंत्रियों का करीब 14 फीसदी है। बिहार सरकार के मंत्रियों को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री समेत 35 मंत्रियों वाली सम्राट चौधरी कैबिनेट में से 31 मंत्रियों के चुनावी शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, करीब आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं। यह रिपोर्ट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और विधान परिषद चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा दाखिल शपथपत्रों के आधार पर तैयार की गई है। जदयू के अशोक चौधरी और बीजेपी के डॉ. प्रमोद कुमार का विश्लेषण इसमें शामिल नहीं है, क्योंकि दोनों वर्तमान में मनोनीत विधान परिषद सदस्य हैं और उनके शपथपत्र सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। आरएलएम के दीपक प्रकाश और जदयू के निशांत कुमार का विश्लेषण भी नहीं किया गया, क्योंकि वे फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। ADR रिपोर्ट में बिहार सरकार के 31 मंत्रियों के आपराधिक रिकॉर्ड और संपत्ति को लेकर कई बड़े खुलासे किए गए है। देखिए पूरी रिपोर्ट… 48 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मंत्रियों में से 15 यानी 48 फीसदी मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें 9 मंत्री यानी 29 फीसदी ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सभी दलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी के 15 मंत्रियों में से 7 मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 5 मंत्रियों पर गंभीर मामले हैं। जदयू के 13 मंत्रियों में से 5 ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जबकि 2 मंत्रियों पर गंभीर आरोप हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के एकमात्र मंत्री ने भी अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामला घोषित किया है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के दोनों मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। इनमें से एक मंत्री पर गंभीर मामला दर्ज है। 90 फीसदी मंत्री करोड़पति, JDU के सभी करोड़पति रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार सरकार के 31 में से 28 मंत्री यानी 90 फीसदी करोड़पति हैं। मंत्रियों की औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपए बताई गई है। सबसे अधिक संपत्ति औरंगाबाद सीट से मंत्री रमा निषाद के पास है। उन्होंने अपने शपथपत्र में 31.86 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वहीं सबसे कम संपत्ति बखरी से मंत्री संजय कुमार के पास है, जिन्होंने 22.30 लाख रुपए की संपत्ति घोषित की है। 65 फीसदी मंत्रियों पर देनदारी, सबसे ज़्यादा कर्जदार श्वेता गुप्ता ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, कई मंत्रियों ने बैंक लोन, व्यावसायिक कर्ज और अन्य वित्तीय देनदारियों का भी उल्लेख किया है। रिपोर्ट में सामने आया है कि 31 में से 20 मंत्रियों यानी 65 फीसदी ने अपने ऊपर देनदारी घोषित की है। शिवहर से मंत्री श्वेता गुप्ता पर सबसे ज्यादा 4.05 करोड़ रुपए की देनदारी दर्ज है। शैक्षणिक योग्यता में ज्यादातर मंत्री ग्रेजुएट शैक्षणिक योग्यता के आंकड़ों के अनुसार 31 में से 22 मंत्री यानी 71 फीसदी स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। वहीं 8 मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 10वीं और 12वीं के बीच बताई है। एक मंत्री ने खुद को डिप्लोमा धारक बताया है। 81 फीसदी मंत्री 50 साल से अधिक उम्र के उम्र के आंकड़ों के अनुसार बिहार सरकार में अनुभव वाले नेताओं का दबदबा कायम है। रिपोर्ट बताती है कि 31 में से 25 मंत्रियों यानी 81 फीसदी की उम्र 51 से 80 साल के बीच है। वहीं केवल 6 मंत्री ऐसे हैं, जिनकी उम्र 30 से 50 साल के बीच है। महिला प्रतिनिधित्व अब भी कम रिपोर्ट के अनुसार बिहार मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व अब भी सीमित है। 35 मंत्रियों में से केवल 5 महिला मंत्री हैं, जो कुल मंत्रियों का करीब 14 फीसदी है।  

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