Israel Lebanon Ceasefire Extension: मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। इजरायल और लेबनान ने जारी तनाव के बीच अगले 45 दिनों तक युद्धविराम बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिका के विदेश विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच वॉशिंगटन में हुई वार्ता बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि राजनीतिक स्तर की बातचीत 2 और 3 जून को फिर होगी, जबकि 29 मई को पेंटागन में ‘सिक्योरिटी ट्रैक’ वार्ता शुरू की जाएगी। इसमें इजरायल और लेबनान के अधिकारी शामिल होंगे।
अमेरिका ने जताई स्थायी शांति की उम्मीद
टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ये वार्ताएं दोनों देशों के बीच स्थायी शांति, एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान तथा साझा सीमा पर वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मदद करेंगी।
युद्धविराम के बावजूद जारी हैं हमले
हालांकि युद्धविराम बढ़ाने पर सहमति के बावजूद सीमा पर तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा है। लेबनान के सरकारी मीडिया के अनुसार शुक्रवार को दक्षिण लेबनान में इजरायली हमलों में सात लोगों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में कुल 2,951 लोगों की जान जा चुकी है।
हिजबुल्लाह ने भी तेज किए हमले
इसी बीच ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने दावा किया कि हिजबुल्लाह ने बुधवार को दक्षिण लेबनान में इजरायली सैन्य ठिकानों, वाहनों और सैनिकों को निशाना बनाते हुए 17 अलग-अलग ऑपरेशन किए। रिपोर्ट के अनुसार इन हमलों में ड्रोन स्ट्राइक, मिसाइल और रॉकेट हमले, आर्टिलरी स्ट्राइक तथा गाइडेड मिसाइल अटैक शामिल थे। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने इजरायल के दो ‘निमर’ सैन्य वाहन, दो ‘मेरकावा’ टैंक, एक बख्तरबंद वाहन और दो सैन्य बुलडोजर को निशाना बनाया।
IDF ने भी दी प्रतिक्रिया
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर बताया कि दक्षिण लेबनान में तैनात सैनिकों के पास एक संदिग्ध हवाई लक्ष्य को रोकने के लिए इंटरसेप्टर दागा गया।
IDF ने यह भी कहा कि हाल के घंटों में हिजबुल्लाह ने कई मोर्टार शेल और एंटी-टैंक मिसाइलें दागीं, जो उन इलाकों के पास गिरीं जहां इजरायली सैनिक तैनात थे।
क्या अब सच में थमेगी जंग?
अमेरिका की कोशिशों से युद्धविराम जरूर बढ़ा है, लेकिन जमीनी हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। लगातार हो रहे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेंटागन और वॉशिंगटन में होने वाली वार्ताएं मिडिल ईस्ट की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।


