क्या आप जानते हैं कि रोज की एक कॉफी या चाय की बचत आपको करोड़पति बना सकती है? ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अमीर बनने के लिए लाखों का वेतन या कोई बड़ा बिजनेस होना जरूरी है, लेकिन SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) करके छोटी बचत से भी करोड़पति बन सकते हैं। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि- सवाल- SIP क्या है? इसमें कैसे निवेश किया जाता है? जवाब- SIP म्यूचुअल फंड में निवेश का एक डिसिप्लिन्ड तरीका है। पूरा जवाब पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- SIP में कंपाउंडिंग कैसे काम करती है? जवाब- कंपाउंडिंग का मतलब है ‘ब्याज पर ब्याज’ मिलना। जब कोई SIP करता है तो मूल निवेश पर जो रिटर्न (मुनाफा) मिलता है, उसे निकाला नहीं जाता बल्कि वह फिर से निवेशित हो जाता है। फिर अगले महीने मूल निवेश और पिछले मुनाफे, दोनों को मिलाकर रिटर्न मिलता है। इसे स्नोबॉल (बर्फ का गोला) इफेक्ट कहते हैं। जिस तरह बर्फ का गोला लुढ़कते हुए अपने साथ और बर्फ समेटता जाता है और गोला बड़ा होता जाता है। इसी तरह जैसे-जैसे SIP निवेश का समय बढ़ता है, अमाउंट बड़ा होता जाता है। ग्राफिक के जरिए 5 हजार मंथली निवेश पर कंपाउंडिंग इफेक्ट समझिए- आप गौर करें कि 20 से 30 साल के बीच (आखिरी 10 साल में) फंड ₹50 लाख से सीधे ₹1.76 करोड़ पर पहुंच गया। यही कंपाउंडिंग की असली ताकत है। सवाल- क्या SIP के जरिए 1 करोड़ का फंड बनाना वाकई संभव है? जवाब- हां, बिल्कुल संभव है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- 1 करोड़ का फंड बनने में कितना समय लगेगा और हर महीने कितना पैसा इन्वेस्ट करना होगा? जवाब- यह पूरी तरह मंथली सेविंग और सालाना रिटर्न (CAGR) पर निर्भर करता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में औसतन 12% का रिटर्न एक मानक पैमाना माना जाता है। ग्राफिक में 12% वार्षिक रिटर्न के आधार पर कैलकुलेशन देखिए- सवाल- 1 करोड़ का फ्यूचर फंड बनाने की शुरुआत कैसे करें? जवाब- ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास निवेश के लिए कितना समय बचा है। 12% सालाना रिटर्न के आधार पर- शुरुआत कैसे करें? सवाल- अगर रिटर्न (जैसे 10%, 12%, 15%) बदल जाए तो 1 करोड़ के लक्ष्य पर कितना फर्क पड़ेगा? जवाब- रिटर्न की दर में छोटा सा बदलाव भी फंड पर बड़ा असर डालता है। इसे कंपाउंडिंग इफेक्ट कहते हैं। मान लीजिए, आप 20 साल के लिए 10,000 रुपए की मासिक SIP करते हैं, तो रिजल्ट कुछ इस तरह होंगे- सवाल- जल्दी SIP शुरू करने से क्या फायदा होता है? जवाब- इसका सबसे बड़ा लाभ ‘कंपाउंडिंग की शक्ति’ है। समय आपकी पूंजी को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाता है। सवाल- अगर हर साल सैलरी बढ़ने पर SIP में इन्वेस्टमेंट बढ़ा दें तो फंड कितनी जल्दी बनेगा? जवाब- इसे स्टेप-अप SIP कहते हैं। अपनी आय के साथ निवेश बढ़ाने से आप अपने लक्ष्यों को बहुत पहले हासिल कर सकते हैं। सवाल- अगर कहीं से लंप-सम पैसे मिलें तो क्या उसे भी SIP में इन्वेस्ट कर देना चाहिए? जवाब- अगर बोनस या विरासत में एकमुश्त राशि मिलती है, तो उसे सीधे निवेश करने के बजाय STP (सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान) का उपयोग करना समझदारी है। सवाल- SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब- SIP की सफलता केवल निवेश करने में नहीं, बल्कि सही रणनीति अपनाने में है। ग्राफिक में सभी जरूरी बातें देखिए- सवाल- निवेश के दौरान किन जोखिमों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- म्यूचुअल फंड निवेश पूरी तरह रिस्क-फ्री नहीं होते। निवेश से पहले इन खतरों को समझना जरूरी है- वित्तीय बाजार में एक कहावत है, सबसे अच्छा समय कल था, और दूसरा सबसे अच्छा समय ‘आज’ है। इसलिए अभी निवेश शुरू करें। ………………
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आपका पैसा- रियल एस्टेट में निवेश सही या गलत: जानें 5 बड़े फायदे, कब हो सकता नुकसान, एक्सपर्ट से समझें, कैसे बनें स्मार्ट इन्वेस्टर ज्यादातर लोग मानते हैं कि प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद ऑप्शन है, लेकिन क्या यह हर किसी के लिए सही है? निवेश के बदलते दौर में यह सवाल और भी अहम हो जाता है। रियल एस्टेट निवेश का पॉपुलर ऑप्शन है। हालांकि, इसमें फायदे के साथ कई जोखिम भी होते हैं। इसलिए निवेश से पहले रियल-एस्टेट के बारे में विस्तार से समझना जरूरी है। आगे पढ़िए…
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