मुंगेर सदर अस्पताल में जून से शुरु होगा मॉर्डन लैब:सभी सरकारी अस्पतालों के सैंपल की जांच, मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट

मुंगेर सदर अस्पताल में जून से शुरु होगा मॉर्डन लैब:सभी सरकारी अस्पतालों के सैंपल की जांच, मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट

मुंगेर सदर अस्पताल में जून माह से पीपीपी मोड पर आधुनिक हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब की शुरुआत होने जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से पैथोलॉजी जांच के सैंपल सदर अस्पताल भेजे जाएंगे, जहां अत्याधुनिक मशीनों के जरिए जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे मरीजों को बेहतर, त्वरित और आधुनिक जांच सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सदर अस्पताल के ओपीडी भवन स्थित पैथोलॉजी लैब और प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में जगह चिन्हित कर ली है। विभाग द्वारा चयनित एजेंसी ने स्थल निरीक्षण का कार्य भी पूरा कर लिया है। हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब का मुख्य केंद्र सदर अस्पताल में स्थापित होगा, जबकि जिले के अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल संग्रह कर यहां भेजे जाएंगे। जिलेभर के अस्पतालों से आएंगे सैंपल नई व्यवस्था के तहत जिले के अनुमंडल अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से मरीजों के रक्त और अन्य सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। इसके बाद उन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल स्थित हब सेंटर भेजा जाएगा। यहां विशेषज्ञ तकनीशियनों द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस केंद्रीकृत व्यवस्था से जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होगी। 24 घंटे संचालित होगी लैब हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब को 24 घंटे संचालित करने की योजना बनाई गई है। इससे मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासकर गंभीर मरीजों और आपातकालीन स्थिति में जांच प्रक्रिया काफी तेज हो सकेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से रिपोर्ट की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा और मरीजों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मोबाइल और ईमेल पर मिलेगी रिपोर्ट नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि जांच रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर भेजी जाएगी। इसके अलावा संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को भी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीज अगले दिन अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल से रिपोर्ट प्राप्त कर सकें। इस डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही रिपोर्ट प्राप्त करने में लगने वाला समय भी कम होगा। स्वास्थ्य विभाग का कार्यभार होगा कम इस मामले में डॉ. राजू ने बताया कि हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग पर कार्यभार कम होगा और मरीजों को बेहतर जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। साथ ही जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी। विभाग का उद्देश्य है कि आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में ही आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अब उन्हें छोटी-छोटी जांच के लिए निजी लैब या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सदर अस्पताल में आधुनिक हब एंड स्पोक लैब शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुंगेर सदर अस्पताल में जून माह से पीपीपी मोड पर आधुनिक हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब की शुरुआत होने जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से पैथोलॉजी जांच के सैंपल सदर अस्पताल भेजे जाएंगे, जहां अत्याधुनिक मशीनों के जरिए जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे मरीजों को बेहतर, त्वरित और आधुनिक जांच सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सदर अस्पताल के ओपीडी भवन स्थित पैथोलॉजी लैब और प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में जगह चिन्हित कर ली है। विभाग द्वारा चयनित एजेंसी ने स्थल निरीक्षण का कार्य भी पूरा कर लिया है। हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब का मुख्य केंद्र सदर अस्पताल में स्थापित होगा, जबकि जिले के अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल संग्रह कर यहां भेजे जाएंगे। जिलेभर के अस्पतालों से आएंगे सैंपल नई व्यवस्था के तहत जिले के अनुमंडल अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से मरीजों के रक्त और अन्य सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। इसके बाद उन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल स्थित हब सेंटर भेजा जाएगा। यहां विशेषज्ञ तकनीशियनों द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस केंद्रीकृत व्यवस्था से जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होगी। 24 घंटे संचालित होगी लैब हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब को 24 घंटे संचालित करने की योजना बनाई गई है। इससे मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासकर गंभीर मरीजों और आपातकालीन स्थिति में जांच प्रक्रिया काफी तेज हो सकेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से रिपोर्ट की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा और मरीजों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मोबाइल और ईमेल पर मिलेगी रिपोर्ट नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि जांच रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर भेजी जाएगी। इसके अलावा संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को भी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीज अगले दिन अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल से रिपोर्ट प्राप्त कर सकें। इस डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही रिपोर्ट प्राप्त करने में लगने वाला समय भी कम होगा। स्वास्थ्य विभाग का कार्यभार होगा कम इस मामले में डॉ. राजू ने बताया कि हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग पर कार्यभार कम होगा और मरीजों को बेहतर जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। साथ ही जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी। विभाग का उद्देश्य है कि आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में ही आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अब उन्हें छोटी-छोटी जांच के लिए निजी लैब या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सदर अस्पताल में आधुनिक हब एंड स्पोक लैब शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  

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