आश्रमों और संतों से मिलने वाली शिक्षा समाज को सही दिशा देती है। यह सत्यमार्ग पर चलने, जीवन के सुकर्मों को समझने और मानवता के प्रति समर्पण के लिए जरूरी है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कही। वे जय गुरुदेव आश्रम में बोल रहे थे। उन्होंने श्री गुरुवर से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद राम घाट पर सिंहस्थ निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। सीएम गुरुवार को उज्जैन पहुंचे थे। डॉ. यादव ने कहा कि आज उज्जैन में जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव उमाकांत महाराज के अमृत प्रवचन का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के महापर्व के लिए स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधि और प्रशासन सब मिलकर एक भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। सभी धर्मों के लोग अपने देवस्थानों को हटाने के लिए स्वयं पहल कर रहे हैं। यह अत्यंत सराहनीय है। आध्यात्मिक, सांस्कृतिक नगरी के रूप में स्थापित करेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव के मार्गदर्शन से जीवन सरल और संयमित होकर जीने का मार्ग मिल जाता है। सिंहस्थ-2028 में उज्जैन को हम मेट्रो सिटी के साथ-साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक नगरी के रूप में भी स्थापित करेंगे। गोवंश के संरक्षण के लिए प्रदेश में गौशालाओं का निर्माण कर रहे हैं, वहीं सनातनी परंपराओं को सहेजते हुए सरकार ने उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया (पीतांबरा पीठ), सलकनपुर, ओरछा और चित्रकूट समेत प्रदेश के 19 प्रमुख धार्मिक और पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू कर दी है। अपने सेवा कार्यों से जनता के प्यारे और लाडले बन गए गुरुदेव उमाकांत महाराज ने कहा, “आप सालों से इस आश्रम से जुड़े हैं और लगातार आते रहे हैं। मुख्यमंत्री जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद भी आपने भक्ति और प्रेम के लिए समय निकाला है। पहले मैं आपको ‘मोहन प्यारे’ कहकर बुलाता था, लेकिन आज आप अपने सेवा कार्यों से पूरी जनता के प्यारे और लाडले बन गए हैं.” उन्होंने सीएम को सत्य, सनातन और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जनसेवा करते रहने का आशीर्वाद दिया। विकास और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया आश्रम से निकलने के बाद मुख्यमंत्री सीधे राम घाट पहुंचे। यहां उन्होंने आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए चल रहे विकास और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने घाट क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उज्जैन को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से शहर में कई निर्माण और विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि सभी कार्य तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे हो सकें।


