रतलाम। शहर के मध्य संचालित हो रही सैलाना बस स्टैंड सब्जी मंडी, जिसे थोक व्यापार के लिए निर्धारित किया था, लेकिन धीरे-धीरे जिम्मेदारों को अनदेखी और लचर व्यवस्था के चलते खेरची मंडी में तब्दिल चुकी है। इससे किसान और व्यापारियों के बीच अक्सर विवाद धरना प्रदर्शन की स्थिति बनती है और मंडी की व्यवस्था बिगड़ रही है। इस समस्या के समाधान के लिए मंडी प्रशासन ने गुरुवार सुबह सख्त कदम उठाया।
मंडी सहायक सचिव राजेंद्र व्यास, नामली मंडी प्रभारी गोपाल कोटवानी और पेमा गामड़ ने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर सब्जी मंडी परिसर के बाहर रास्ते में बैठे खेरची व्यापारियों को हटाया। उन्हें निर्धारित किए 30 खेरची व्यापारियों को नए स्थान पर बैठने के लिए समझाया और जो नहीं माने, उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। प्रशासन ने थोक मंडी में एक-दो किलो का खेरची व्यापार भी बंद करने का निर्देश किया।
आरोप व्यापारी तीन-चार पल्ले बिछाकर कर रहे व्यापार
प्रशासन ने मंडी परिसर के बाहर व्यापार कर रहे 30 दुकानदारों को हटाकर उन्हें 1 से 30 नंबर तक के नए स्थानों पर बैठाया। हालांकि, दो दिन बाद भी इक्का-दुक्का खेरची व्यापारी ही वहां जा रहे हैं। स्थिति यह है कि सब्जी मंडी में केवल 50 दुकानें हैं, लेकिन परिसर में लगभग 250 पल्लों पर थोक और खेरची दोनों तरह का व्यापार हो रहा है। इसी कारण आए दिन विवाद होते हैं। आरोप यह भी हैं कि कुछ व्यापारी तीन-तीन स्थानों पर पल्ली लगाकर व्यापार कर रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद खेरची व्यापारी नए स्थान पर जाने को तैयार नहीं हैं, जिससे मंडी में अव्यवस्था बरकरार है।
इनमें चाहिए सुधार
- व्यवस्थित पार्किग स्थल नहीं हैं, जहां दुकानें दी वहीं रास्ते में वाहन खड़े ।
- सब्जी मंडी में जितने भी खेरची चल रहा है उन्हें बंद करवाना चाहिए।
- पहले 10 फीट में बैठे थे, अब 30 लोगों को 6-6 फीट स्थान दिया, कैसे बैठेंगे।
- हमें जैविक हॉट बाजार के समीप खाली पड़े शेड में स्थापित करना चाहिए।
- गर्मी में कच्चा माल है जल्दी खराब होता है, मंडी प्रशासन व्यवस्था करें।
आरोप ये भी लग रहे
- किसान स्वयं ढेरी बनाकर सब्जी एक-दो किलो बेच रहा हैं।
- व्यापारी तीन-चार पल्ले बिछा रहे, उनसे रोज वसूली हो रही हैं।
- 50 दुकानें है, 250 के करीब पल्ली बिछाकर व्यापार हो रहा।
- ऑटो, वाहन और थैलागाड़ी वाले लगा रहे मंडी में जाम।
- मंडी प्रशासन ने अलग बिठाया, लेकिन व्यवस्था तो दें।
- बगैर नोटिस के हटा दिया, चार सालों से दुकानें लग रही थी।


