बेटे की याद में ‘शिक्षा का दीया’:IIT कानपुर के पूर्व छात्र ईशान की स्मृति में स्कॉलरशिप शुरू, हर साल एक छात्र का भविष्य संवारेंगे माता-पिता

बेटे की याद में ‘शिक्षा का दीया’:IIT कानपुर के पूर्व छात्र ईशान की स्मृति में स्कॉलरशिप शुरू, हर साल एक छात्र का भविष्य संवारेंगे माता-पिता

आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र ईशान पंत (बैच 2017) की स्मृति में उनके माता-पिता ने एक बेहद भावुक और सराहनीय कदम उठाया है। अनूप पंत और रितु पंत ने संस्थान के साथ मिलकर ‘ईशान पंत मेमोरियल स्कॉलरशिप फॉर एक्सीलेंस’ की शुरुआत की है। इसके लिए बकायदा आईआईटी प्रशासन और पंत परिवार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। चार साल तक पढ़ाई का खर्च उठाएगी यह छात्रवृत्ति यह स्कॉलरशिप केवल एक बार की मदद नहीं, बल्कि एक छात्र के पूरे सफर का सहारा बनेगी। इस पहल के तहत हर साल एक स्नातक छात्र का चयन किया जाएगा, जिसे लगातार चार वर्षों तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य उन मेधावी छात्रों को सहारा देना है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा करने में हिचकिचाते हैं। इस तरह ईशान की विरासत अब अन्य छात्रों की सफलता के जरिए आगे बढ़ती रहेगी। आईआईटी कानपुर से था ईशान का गहरा जुड़ाव ईशान पंत ने साल 2017 में आईआईटी कानपुर के बीएसबीई (BSBE) विभाग से अपनी डिग्री पूरी की थी। पंत परिवार ने इस मौके पर बेहद भावुक होकर साझा किया कि ईशान के दिल में आईआईटी कानपुर के लिए एक बहुत ही खास जगह थी। इसी लगाव को देखते हुए परिवार ने तय किया कि ईशान की यादों और उसकी भावना को जीवित रखने का सबसे अच्छा तरीका शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना ही है। यह स्कॉलरशिप एक प्रिय पुत्र को उसके माता-पिता की तरफ से दी गई सबसे बड़ी और सार्थक श्रद्धांजलि है। साहस और उदारता की मिसाल बना पंत परिवार आईआईटी कानपुर प्रशासन ने इस पहल के लिए पंत के प्रति आभार व्यक्त किया है। संस्थान का मानना है,कि कठिन समय में भी शिक्षा के प्रति ऐसा समर्पण और संस्थान से अटूट जुड़ाव समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह छात्रवृत्ति आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और यह संदेश देगी कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ी शक्ति है जिससे बदलाव लाया जा सकता है। छात्र अब नए हौसले के साथ गढ़ेंगे भविष्य
आईआईटी कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का सपना हर छात्र का होता है, लेकिन कई बार आर्थिक चुनौतियां बाधा बन जाती हैं। ईशान पंत मेमोरियल स्कॉलरशिप ऐसी ही बाधाओं को दूर करने का माध्यम बनेगी। यह पहल न केवल एक मेधावी छात्र का भविष्य सुरक्षित करेगी, बल्कि कैंपस में ईशान की मौजूदगी को हमेशा के लिए जीवंत बनाए रखेगी।

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