Barmer temperature 48 degree: जयपुर. राजस्थान के कई हिस्सों में आज मौसम ने करवट ली है। एक तरफ राजस्थान के कई हिस्से तप रहे हैं,वहीं दूसरी ओर बारिश की बूंदों से भीषण गर्मी से राहत भी मिली है। मौसम विभाग ने आज यानी 12 मई को सुबह से ही ओरेंज व यलो अलर्ट जारी किया है। अब मौसम विभाग ने रात दस बजे एक बार फिर बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट के अनुसार अलवर, डीग, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, करौली, दौसा, धौलपुर, खैरथल—तिजारा जिलों में कहीं—कहीं हल्के से मध्यम बारिश होने व 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफतार से तेज हवा चलेगी। यह अलर्ट आगामी तीन घंटे के लिए है।

मंगलवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 48.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज
जयपुर.राजस्थान में गर्मी ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार को राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 48.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक रहा। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 से 46 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और हल्की बढ़ोतरी की संभावना है।
भारतीय मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के अनुसार जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में आगामी 5 से 7 दिनों तक हीटवेव और ऊष्णरात्री की स्थिति बनने की प्रबल संभावना है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं हीटवेव का असर देखने को मिल सकता है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
वहीं, अगले 24 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ आंधी (40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। इससे कुछ इलाकों में अस्थायी राहत मिल सकती है।
44 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले राजस्थान के शहर (12 मई 2026)
| क्रम | स्टेशन | अधिकतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| 1 | बाड़मेर | 48.3 |
| 2 | फलोदी | 46.4 |
| 3 | चित्तौड़गढ़ | 45.6 |
| 4 | जैसलमेर | 45.8 |
| 5 | बीकानेर | 45.0 |
| 6 | पिलानी | 44.5 |
| 7 | चूरू | 44.5 |
| 8 | झुंझुनूं | 44.8 |
| 9 | जोधपुर शहर | 44.6 |
| 10 | कोटा | 44.7 |
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि राज्य में आने वाले दिनों में कई स्थानों पर धूलभरी तेज हवाएं (20–30 किमी प्रति घंटे) चल सकती हैं। इसके अलावा 15 मई के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
अधिकांश क्षेत्रों में आर्द्रता का स्तर 10 से 37 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की आवश्यकता है।


