Rajasthan Monsoon : भरतपुर. हर मानसून में जलभराव, कीचड़ और जाम नालों की समस्या से परेशान शहर को इस बार राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। शहर के छोटे-बड़े और प्राचीन नालों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिस पर नगर निगम करीब एक करोड़ रुपए खर्च करेगा। दावा है कि मानसून से पहले शहर की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी, ताकि बारिश का पानी सडकों पर जमा न हो और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई के अनुसार शहर में 18 प्राचीन और प्रमुख नालों की सफाई को प्राथमिकता दी गई है। छोटे नालों और नालियों की सफाई निगम कार्मिकों और जेसीबी मशीनों के जरिए कराई जा रही है, जबकि बड़े नालों की सफाई के लिए करीब एक करोड़ रुपए का ठेका 40 प्रतिशत बिलो रेट पर दिया है। सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
सफाई कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है – निगम
अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। नाला सफाई कार्य के तहत वार्ड 1 से 20 तक 49.26 लाख रुपए, वार्ड 21 से 30, 51, 56 और 61 से 65 तक 33.81 लाख रुपए तथा वार्ड 31 से 50 सहित अन्य क्षेत्रों के लिए 53.31 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
निगम प्रशासन का कहना है कि आधुनिक मशीनों, पर्याप्त मानव संसाधन और बेहतर नियोजन के जरिए सफाई कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। इससे शहर की ड्रेनेज सिस्टम मजबूत होगी और जलजमाव की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
तस्वीर ने कई सवाल खड़े किए
हालांकि अभियान की जमीनी हकीकत कुछ अलग तस्वीर पेश कर रही है। सफाई कार्य के दौरान ली गई तस्वीरों में कर्मचारी बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के नालों में उतरकर काम करते दिख रहे हैं।
दस्ताने, गमबूट, मास्क या अन्य जरूरी सुरक्षा सामग्री का इस्तेमाल न के बराबर दिखाई दे रहा है। करोड़ों रुपए के इस बड़े सफाई अभियान में सफाई कर्मचारियों की इस हालत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


