मध्य रेलवे (Central Railway) ने विदेशी पर्यटक (Foreign Tourist FT Quota) कोटा के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान 39 संदिग्ध मामलों का खुलासा हुआ, जिनमें भारतीय नागरिक विदेशी पर्यटक कोटे के टिकट पर बिना वैध दस्तावेजों के यात्रा करते पाए गए। रेलवे ने इस कार्रवाई में कुल 3 लाख 56 हजार 916 रुपये का जुर्माना वसूला है।
विदेशी पर्यटक कोटा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 4 फरवरी को ट्रेन संख्या 12296 संगमित्रा एक्सप्रेस में सामने आया था। जांच के दौरान कुछ भारतीय यात्री विदेशी पर्यटक कोटा के टिकट पर सफर करते मिले, लेकिन उनके पास इस कोटे के लिए जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं थे।
ऐसे पता चला टिकट फर्जीवाड़े का खेल
मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि एफटी कोटा के तहत की गई भविष्य की टिकट बुकिंग का विस्तृत विश्लेषण शुरू किया गया है। जांच में पता चला कि 24 अप्रैल से 11 जून 2026 के बीच 31 ट्रेनों में विदेशी पर्यटक कोटे के तहत 31 ट्रेनों में 174 टिकट जारी किए गए थे।
रेलवे ने इन टिकटों की प्रामाणिकता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया। टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा अलग-अलग ट्रेनों में जांच की गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
121 यात्री धराये, जुर्माना ठोका
जांच अभियान के दौरान कुल 39 पीएनआर (PNR) ऐसे पाए गए, जिनमें विदेशी पर्यटक कोटे का गलत इस्तेमाल किया गया था। इन टिकटों पर यात्रा कर रहे 121 भारतीय नागरिकों को पकड़ा गया। रेलवे नियमों के अनुसार इन यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया और कुल 3,56,916 रुपये की राशि वसूली गई। इसके अलावा यात्रियों को उनकी बर्थ पर बैठने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में वे सीटें आरएसी (RAC) और वेटिंग लिस्ट (WL) वाले यात्रियों को आवंटित कर दी गईं।
IRCTC से मांगी जानकारी, एजेंटों पर भी गिरेगी गाज
मध्य रेलवे ने इस मामले में किसी अधिकृत बुकिंग एजेंट की संलिप्तता की आशंका जताई है। इसके लिए IRCTC से अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि एफटी कोटे के तहत अनधिकृत टिकट बुकिंग में शामिल व्यक्तियों और एजेंसियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। यदि किसी एजेंट की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे ने यात्रियों को किया आगाह
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अयोग्य कोटे के तहत टिकट बुक करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। जिस कोटे के तहत टिकट बुक किया जाता है, उससे संबंधित वैध पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज यात्रा के दौरान साथ रखना अनिवार्य है। मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपने टिकट की वैधता और प्रामाणिकता जरूर जांच लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।


