बैन होने के बावजूद नेशनल ओपन टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए बृजभूषण सिंह के ‘गढ़’ पहुंची विनेश फोगाट

बैन होने के बावजूद नेशनल ओपन टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए बृजभूषण सिंह के ‘गढ़’ पहुंची विनेश फोगाट

विनेश ने अप्रैल के अंत में ही इस टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया था। जुलाई में बेटे को जन्म देने के बाद यह उनका पहला कॉम्बैक टूर्नामेंट है। वे यहां अच्छा प्रदर्शन कर 30 मई को दिल्ली में होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करना चाहती हैं। 

Vinesh Phogat National Open Ranking Tournament: दो दिन पहले रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने स्टार पहलवान विनेश फोगाट को शो-कॉज नोटिस जारी कर उन्हें एंटी-डोपिंग नियम तोड़ने और अनुशासन भंग करने का आरोप लगाया था। साथ ही उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए 26 जून तक सभी घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि, इन सभी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए विनेश सोमवार को नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए गोंडा पहुंच गईं।

विनेश इस टूर्नामेंट से वापसी करेंगी

विनेश ने अप्रैल के अंत में ही इस टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया था। जुलाई में बेटे को जन्म देने के बाद यह उनका पहला कॉम्बैक टूर्नामेंट है। वे यहां अच्छा प्रदर्शन कर 30 मई को दिल्ली में होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करना चाहती हैं। हालांकि, WFI की चयन नीति के अनुसार गोंडा टूर्नामेंट के विजेता को ट्रायल्स के लिए सीधे योग्य नहीं माना जाएगा।

गोंडा पहुंच चुकी हैं विनेश

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, विनेश सोमवार को गोंडा पहुंच चुकी हैं। महिलाओं की फ्रीस्टाइल स्पर्धा मंगलवार को आयोजित होगी। उन्होंने टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा कर रखा है और उम्मीद जताई जा रही है कि WFI उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दे देगी। महिलाओं का वेट-इन और वेरिफिकेशन सोमवार शाम तथा मंगलवार सुबह होगा।

गौरतलब है कि गोंडा पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का गढ़ माना जाता है। बृजभूषण पर 2023 में छह महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिनमें विनेश फोगाट भी शामिल हैं। विनेश ने खुद 3 मई को इसकी पुष्टि की थी।

WFI ने क्या-क्या आरोप लगाए?

शनिवार को जारी 14 पृष्ठों के शो-कॉज नोटिस में WFI ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें सबसे प्रमुख है कि विनेश ने रिटायरमेंट के बाद वापसी के लिए जरूरी 6 महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया। दिसंबर 2024 में उन्होंने युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को पत्र लिखकर अगस्त 2025 तक सबैटिकल लेने की जानकारी दी थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही WFI, UWW और SAI को ट्रेनिंग शुरू करने की सूचना दे दी और 18 दिसंबर को डोप टेस्ट मिस कर दिया।

इसके अलावा, मार्च 2024 में जब WFI सस्पेंड था, तब अस्थायी कमेटी के ट्रायल्स में उन्होंने दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में भाग लिया, जो UWW के नियमों के विरुद्ध था। नोटिस में सबसे गंभीर आरोप यह है कि पेरिस ओलंपिक 2024 के फाइनल वाले दिन 50 किलो कैटेगरी में विनेश अपना वजन नहीं बना पाईं, जिसकी वजह से भारत एक ओलंपिक मेडल से हाथ धो बैठा और भारतीय रेसलिंग की साख को नुकसान पहुंचा।

WFI ने विनेश को इन आरोपों पर जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया है। अभी तक उन्होंने इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अब सबकी निगाहें WFI के अगले फैसले पर टिकी हैं कि वह विनेश को गोंडा टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति देती है या नहीं।

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