एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र के नगला भोज गांव में एक 27 वर्षीय युवक द्वारा कथित तौर पर एफआईआर दर्ज होने के डर से फांसी लगाने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में युवक को पहले एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से उसे आगरा के मां भगवती अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, नगला भोज निवासी सुभाष पुत्र राजेंद्र (27) ने रविवार दोपहर अपने घर के अंदर फांसी लगा ली। सुभाष ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार और दो बच्चों का पालन-पोषण करता था। युवक की पत्नी बैजन्ती ने आरोप लगाया है कि गांव की ही एक महिला द्वारा झूठी एफआईआर दर्ज कराकर उसके पति का उत्पीड़न किया जा रहा था। इसी तनाव और डर के चलते उसके पति ने यह कदम उठाया। पत्नी के मुताबिक, करीब एक माह पहले उक्त महिला ने सुभाष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने शांति भंग में कार्रवाई की थी। बाद में परिवार ने जमानत भी करा ली थी। परिजनों का आरोप है कि महिला द्वारा दोबारा रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की जा रही थी, जिससे सुभाष मानसिक रूप से परेशान था। जैसे ही उसे इसकी जानकारी मिली, उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने जताई अनभिज्ञता इस मामले पर बागवाला थाना प्रभारी ओ.पी. सिंह ने बताया कि उन्हें इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं है और न ही इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त हुई है। फिलहाल युवक आगरा के अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


