पीलीभीत ने एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) की अप्रैल माह की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी IAS ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सुशासन’ के संकल्प को दर्शाती है। IGRS पोर्टल आम जनता की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ राजस्व कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पीलीभीत ने इन कड़े मानकों पर खरा उतरते हुए प्रदेश के शीर्ष जिलों में अपनी जगह बनाई है। अप्रैल माह की IGRS रैंकिंग में प्रदेश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिले इस प्रकार हैं। प्रथम स्थान: रामपुर डीएम अजय द्विवेदी – 138 अंक। द्वितीय स्थान: पीलीभीत डीएम ज्ञानेंद्र सिंह। तृतीय स्थान: श्रावस्ती डीएम अन्नपूर्णा गर्ग) और अमेठी डीएम संजय चौहान संयुक्त रूप से। पीलीभीत की इस सफलता का मुख्य कारण शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण रहा है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने पदभार संभालने के बाद से ही IGRS की लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा की। उन्होंने तहसील और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की, जिसके सकारात्मक परिणाम अब प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में दिखाई दे रहे हैं। जिले में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ प्रशासनिक पारदर्शिता भी नए मानक स्थापित कर रही है। इस उपलब्धि से स्थानीय जनता को भी लाभ मिल रहा है, क्योंकि उनकी शिकायतों की सुनवाई अब अधिक तेज़ और परिणामकारक साबित हो रही है।


