कुशीनगर में अवैध बालू-मोरंग परिवहन का खुलासा, 13 पर केस:बिहार से बिना दस्तावेज लाई जा रही थी मोरंग, खनन विभाग ने की कार्रवाई

कुशीनगर में अवैध बालू-मोरंग परिवहन का खुलासा, 13 पर केस:बिहार से बिना दस्तावेज लाई जा रही थी मोरंग, खनन विभाग ने की कार्रवाई

कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाना क्षेत्र में अवैध बालू-मोरंग परिवहन का बड़ा मामला सामने आया है। खनन अधिकारी अभिषेक सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि बिहार से बिना वैध दस्तावेजों के बालू-मोरंग उत्तर प्रदेश लाई जा रही थी, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। एफआईआर के अनुसार, 8 मई की रात खनन अधिकारी को सूचना मिली थी कि बहादुरपुर चौकी के सामने कई ट्रकों से अवैध रूप से मोरंग का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया। मुकदमे में UP 53 HT 2570, BR 28 GB 5354 और BR 03 GB 9242 समेत कई वाहनों का उल्लेख किया गया है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303, 223, 270 और 291 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश उपखनिज नियमावली 2021 की धारा 3(1), 58 और 72(1) भी लगाई गई हैं। मामले में प्रेम साहनी, शैलेन्द्र ठाकुराई, बुलेट ठाकुराई, ऋषि ठाकुर, शिवम तिवारी, सुमित उर्फ राहुल यादव, मिथलेश गुप्ता, पवन कुमार गौड़ और मनोज कुमार गौड़ सहित कुल 13 लोगों को नामजद किया गया है। खनन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर खनन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि विभागीय मिलीभगत के बिना सीमा पार से इतने बड़े पैमाने पर अवैध बालू परिवहन संभव नहीं है। स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गहराई से जांच होने पर अवैध खनन और परिवहन से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। फिलहाल तरयासुजान पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

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