पूर्णिया में चौथी क्लास का छात्र जिंदा जल गया। स्कूल से पढ़कर घर लौटा था, शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। लपटें इतनी तेज थी कि आग छात्र के कमरे तक फैल गई और वो इसकी चपेट में आ गया। जब तक आग की लपटों को बुझाया गया, किशोर की जिंदा जलने से मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान खिखरमानी गांव निवासी मंजूर आलम के बेटे मो. सादिक(12) के रूप में हुई है। दिल दहला देने वाली ये घटना डगरुआ थाना क्षेत्र के खिखरमानी गांव की है। पिता मंजूर आलम ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय खिखरमानी में चौथी कक्षा में पढ़ता था। सादिक स्कूल से पढ़कर घर लौटा था। उसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट से घर में आग लग गई। उस समय सादिक घर में अकेला था। उसकी मां खेत पर काम करने गई थी। आग लगते ही सादिक खुद ही आग बुझाने की कोशिश करने लगा, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वह आग की लपटों में फंस गया। कैश, कपड़ा और घर का सामान जलकर राख घर से धुआं और शोर उठता देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लोगों ने घर के अंदर से सादिक का जला हुआ शव बाहर निकाला। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर गांव के लोग भी दहल उठे। आग इतनी भयानक थी कि घर के दो कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। घर में रखा नकद पैसा, जेवरात, कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी आग में जल गया। परिवार को भारी नुकसान हुआ है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल सूचना मिलते ही डगरुआ पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया भेज दिया। सीओ योगेंद्र दास ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है। आग बुझाने के दौरान किशोर लपटों के बीच फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता दी गई है और सरकारी अनुदान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही डगरूआ थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार, मुखिया शाहनवाज उर्फ पप्पू, समाजसेवी तहसीन आलम समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इधर बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की आंखें नम है। पूर्णिया में चौथी क्लास का छात्र जिंदा जल गया। स्कूल से पढ़कर घर लौटा था, शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। लपटें इतनी तेज थी कि आग छात्र के कमरे तक फैल गई और वो इसकी चपेट में आ गया। जब तक आग की लपटों को बुझाया गया, किशोर की जिंदा जलने से मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान खिखरमानी गांव निवासी मंजूर आलम के बेटे मो. सादिक(12) के रूप में हुई है। दिल दहला देने वाली ये घटना डगरुआ थाना क्षेत्र के खिखरमानी गांव की है। पिता मंजूर आलम ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय खिखरमानी में चौथी कक्षा में पढ़ता था। सादिक स्कूल से पढ़कर घर लौटा था। उसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट से घर में आग लग गई। उस समय सादिक घर में अकेला था। उसकी मां खेत पर काम करने गई थी। आग लगते ही सादिक खुद ही आग बुझाने की कोशिश करने लगा, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वह आग की लपटों में फंस गया। कैश, कपड़ा और घर का सामान जलकर राख घर से धुआं और शोर उठता देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लोगों ने घर के अंदर से सादिक का जला हुआ शव बाहर निकाला। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर गांव के लोग भी दहल उठे। आग इतनी भयानक थी कि घर के दो कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। घर में रखा नकद पैसा, जेवरात, कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी आग में जल गया। परिवार को भारी नुकसान हुआ है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल सूचना मिलते ही डगरुआ पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया भेज दिया। सीओ योगेंद्र दास ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है। आग बुझाने के दौरान किशोर लपटों के बीच फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता दी गई है और सरकारी अनुदान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही डगरूआ थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार, मुखिया शाहनवाज उर्फ पप्पू, समाजसेवी तहसीन आलम समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इधर बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की आंखें नम है।


