Bihar Weather: बिहार में ‘काल बैसाखी’ (Kaal Baisakhi) के असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम तूफानी बना रह सकता है। शुक्रवार को हुई तेज आंधी और बारिश के कारण पटना समेत कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। इस दौरान 10 लोगों की मौत भी हो गई।
झमाझम बारिश से जहां लोगों को मई की भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर काल बैसाखी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से बने भीषण तूफान ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अगले सात दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।
क्या है काल बैसाखी
‘काल बैसाखी’ (Nor’westers) एक विनाशकारी प्री-मानसून तूफान है, जो तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और वज्रपात के साथ आता है। इसकी रफ्तार आमतौर पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है। बिहार में अप्रैल और मई के दौरान यह तूफान अक्सर भारी तबाही मचाता है।
दरअसल, यह हिंदी महीने ‘बैशाख’ में सक्रिय होता है, इसलिए इसे ‘काल बैसाखी’ कहा जाता है। यह तूफान झारखंड के छोटानागपुर पठार क्षेत्र से उत्पन्न होकर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में असर दिखाता है।
कैसा रहेगा आज मौसम
मौसम विभाग ने रविवार शाम को लेकर ताजा अपडेट जारी करते हुए कहा है कि बिहार के गया, जमुई, जहानाबाद, नवादा, बांका, मुंगेर, लखीसराय और शेखपुरा जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और ओलावृष्टि के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।
वहीं, पटना समेत दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार में तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है।


