एक स्त्री जब ‘मां’ बनने की दहलीज पर होती है, तो वह केवल एक नए जीवन को जन्म नहीं दे रही होती, बल्कि खुद भी एक नए रूप में जन्म लेती है। इस नौ महीने की यात्रा में वह कितने शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती है, उसका डर क्या है, दर्द क्या है… मदर्स डे पर दैनिक भास्कर ने झारखंड और बिहार के 6 प्रमुख शहरों की 350 गर्भवती महिलाओं के बीच एक विशेष सर्वे किया। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मातृत्व का यह सफर किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है। लेकिन बच्चे का सुख हर दर्द पर भारी पड़ जाता है। 46% महिलाओं ने माना कि गर्भावस्था के दौरान उनकी नींद उड़ गई थी। वे लगातार दो घंटे से भी कम समय तक सो पाईं। वहीं 54% महिलाओं ने माना कि उन्हें दिन में दो बार से ज्यादा बिना किसी ठोस कारण के रोना या चिड़चिड़ापन (मूड स्विंग्स) महसूस हुआ। इस दौरान 42% महिलाओं को ‘पहचान का संकट’ भी महसूस हुआ। सोनाहातू की दीपिका ने रांची सदर अस्पताल में शनिवार रात 12:01 बजे बेटे को जन्म दिया सोनाहातू की 23 साल की दीपिका कुमारी को मदर्स डे पर मातृत्व सुख मिला। रांची सदर अस्पताल में शनिवार रात 12:01 बजे उन्होंने बेटे को जन्म दिया। वह तीन दिन से असहनीय दर्द से जूझ रही थीं। प्रसव के बाद उन्हें तत्काल आईसीयू (ICU) में भर्ती किया गया। अपने नवजात बेटे के लिए दीपिका ने पहली पाती लिखी… सर्वे में रांची, जमशेदपुर, धनबाद, पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर की महिलाएं शामिल सर्वे में ये शामिल… आयु वर्ग: 18 से 25 वर्ष की 135, 26 से 35 वर्ष की 190 और 35 से ज्यादा उम्र की 25 महिलाएं। मातृत्व का अनुभव: 171 महिलाएं पहली बार मां बन रही हैं, 128 का दूसरा बच्चा और 42 का तीसरा बच्चा है। परिवार का प्रकार: 225 महिलाएं संयुक्त परिवार में और 125 एकल परिवार में रहती हैं। मदर्स डे पर मातृत्व सर्वे: मां की पहली चिट्ठी पढ़ें सिटी भास्कर में 1. नींद का विश्लेषण प्रश्न: पिछले तीन महीनों में औसतन एक रात में कितने घंटे की अविराम (बिना टूटे) नींद ले पाईं? दो घंटे से कम: 46% चार घंटे: 37% 6 घंटे से ज्यादा: 17% 2. मॉर्निंग सिकनेस प्रश्न: क्या आपको मॉर्निंग सिकनेस (उल्टी, जी मिचलाना) की समस्या सामान्य से अधिक रही? शुरुआती तीन महीने: 65% पूरे नौ महीने: 20% बिल्कुल नहीं: 15% 3. शारीरिक समस्याएं प्रश्न: क्या गर्भावस्था के दौरान आपको इनमें से किसी समस्या का सामना करना पड़ा? जोड़ों में असहनीय दर्द: 55% अत्यधिक वजन बढ़ना (15 किलो से ज्यादा): 31% बाल भारी मात्रा में झड़ जाना: 29% पैरों में लगातार सूजन, चलने में दिक्कत: 25% झाइयां व त्वचा का रंग गहरा होना: 15% 4. मातृत्व की परिभाषा प्रश्न: तमाम पीड़ा के बीच संतान को जन्म देने को आप किस रूप में देखती हैं? एक कभी न भूलने वाला सुखद क्षण: 42% सबसे खास पल के रूप में: 29% सबसे बड़ी खुशी के रूप में: 29% 5. शारीरिक बदलाव और पुरानी यादें प्रश्न: आईने में खुद को देखने पर आपको सबसे ज्यादा क्या याद आती है? पुरानी फिटनेस: 43% बेफिक्री: 29% कुछ नहीं: 18% घने बाल: 10% 6. पति का सहयोग और समझ प्रश्न: क्या आपको लगता है कि आपके पति उन शारीरिक कष्टों को गहराई से समझ पा रहे हैं, जिनसे आप गुजर रही हैं? हां: 73% थोड़ा-थोड़ा: 17% नहीं: 6% कुछ कह नहीं सकते: 5% 7. मूड स्विंग्स (चिड़चिड़ापन) प्रश्न: दिन में कितनी बार बिना किसी कारण के रोना या चिड़चिड़ापन महसूस हुआ? दो बार से ज्यादा: 54% हमेशा: 31% कभी नहीं: 15% 8. पहचान का संकट प्रश्न: क्या आपको ऐसा लगा कि आपकी पसंद, करियर या शौक पीछे छूट गए हैं? हां: 42% नहीं: 55% कुछ कह नहीं सकते: 3% (या डेटा के अनुसार) 9. प्रसव का भय प्रश्न: प्रसव (डिलीवरी) को लेकर आपके मन में सबसे बड़ा डर क्या है? ऑपरेशन का डर: 45% बच्चे की सेहत का डर: 40% कोई डर नहीं: 10% खुद के जीवन का डर: 5% 10. काम से आराम प्रश्न: क्या गर्भावस्था के आखिरी महीनों में भी घर या ऑफिस के काम से पूर्ण आराम मिला? हां: 40% कुछ हद तक: 33% नहीं: 23% कह नहीं सकते: 5% 11. पेन स्केल (दर्द का पैमाना) प्रश्न: अगर 1 सबसे कम और 10 सबसे अधिक दर्द है, तो आप अपनी इस नौ महीने की यात्रा को औसतन कितना दर्दनाक रेटिंग देंगी? औसतन (Overall) रेटिंग: 7.13 लेवल 1: 2% लेवल 2: 3% लेवल 3: 14% लेवल 4: 28% लेवल 5: 50% लेवल 6: 61% लेवल 7: 34% लेवल 8: 35% लेवल 9: 32% लेवल 10: 91% एक स्त्री जब ‘मां’ बनने की दहलीज पर होती है, तो वह केवल एक नए जीवन को जन्म नहीं दे रही होती, बल्कि खुद भी एक नए रूप में जन्म लेती है। इस नौ महीने की यात्रा में वह कितने शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती है, उसका डर क्या है, दर्द क्या है… मदर्स डे पर दैनिक भास्कर ने झारखंड और बिहार के 6 प्रमुख शहरों की 350 गर्भवती महिलाओं के बीच एक विशेष सर्वे किया। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मातृत्व का यह सफर किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है। लेकिन बच्चे का सुख हर दर्द पर भारी पड़ जाता है। 46% महिलाओं ने माना कि गर्भावस्था के दौरान उनकी नींद उड़ गई थी। वे लगातार दो घंटे से भी कम समय तक सो पाईं। वहीं 54% महिलाओं ने माना कि उन्हें दिन में दो बार से ज्यादा बिना किसी ठोस कारण के रोना या चिड़चिड़ापन (मूड स्विंग्स) महसूस हुआ। इस दौरान 42% महिलाओं को ‘पहचान का संकट’ भी महसूस हुआ। सोनाहातू की दीपिका ने रांची सदर अस्पताल में शनिवार रात 12:01 बजे बेटे को जन्म दिया सोनाहातू की 23 साल की दीपिका कुमारी को मदर्स डे पर मातृत्व सुख मिला। रांची सदर अस्पताल में शनिवार रात 12:01 बजे उन्होंने बेटे को जन्म दिया। वह तीन दिन से असहनीय दर्द से जूझ रही थीं। प्रसव के बाद उन्हें तत्काल आईसीयू (ICU) में भर्ती किया गया। अपने नवजात बेटे के लिए दीपिका ने पहली पाती लिखी… सर्वे में रांची, जमशेदपुर, धनबाद, पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर की महिलाएं शामिल सर्वे में ये शामिल… आयु वर्ग: 18 से 25 वर्ष की 135, 26 से 35 वर्ष की 190 और 35 से ज्यादा उम्र की 25 महिलाएं। मातृत्व का अनुभव: 171 महिलाएं पहली बार मां बन रही हैं, 128 का दूसरा बच्चा और 42 का तीसरा बच्चा है। परिवार का प्रकार: 225 महिलाएं संयुक्त परिवार में और 125 एकल परिवार में रहती हैं। मदर्स डे पर मातृत्व सर्वे: मां की पहली चिट्ठी पढ़ें सिटी भास्कर में 1. नींद का विश्लेषण प्रश्न: पिछले तीन महीनों में औसतन एक रात में कितने घंटे की अविराम (बिना टूटे) नींद ले पाईं? दो घंटे से कम: 46% चार घंटे: 37% 6 घंटे से ज्यादा: 17% 2. मॉर्निंग सिकनेस प्रश्न: क्या आपको मॉर्निंग सिकनेस (उल्टी, जी मिचलाना) की समस्या सामान्य से अधिक रही? शुरुआती तीन महीने: 65% पूरे नौ महीने: 20% बिल्कुल नहीं: 15% 3. शारीरिक समस्याएं प्रश्न: क्या गर्भावस्था के दौरान आपको इनमें से किसी समस्या का सामना करना पड़ा? जोड़ों में असहनीय दर्द: 55% अत्यधिक वजन बढ़ना (15 किलो से ज्यादा): 31% बाल भारी मात्रा में झड़ जाना: 29% पैरों में लगातार सूजन, चलने में दिक्कत: 25% झाइयां व त्वचा का रंग गहरा होना: 15% 4. मातृत्व की परिभाषा प्रश्न: तमाम पीड़ा के बीच संतान को जन्म देने को आप किस रूप में देखती हैं? एक कभी न भूलने वाला सुखद क्षण: 42% सबसे खास पल के रूप में: 29% सबसे बड़ी खुशी के रूप में: 29% 5. शारीरिक बदलाव और पुरानी यादें प्रश्न: आईने में खुद को देखने पर आपको सबसे ज्यादा क्या याद आती है? पुरानी फिटनेस: 43% बेफिक्री: 29% कुछ नहीं: 18% घने बाल: 10% 6. पति का सहयोग और समझ प्रश्न: क्या आपको लगता है कि आपके पति उन शारीरिक कष्टों को गहराई से समझ पा रहे हैं, जिनसे आप गुजर रही हैं? हां: 73% थोड़ा-थोड़ा: 17% नहीं: 6% कुछ कह नहीं सकते: 5% 7. मूड स्विंग्स (चिड़चिड़ापन) प्रश्न: दिन में कितनी बार बिना किसी कारण के रोना या चिड़चिड़ापन महसूस हुआ? दो बार से ज्यादा: 54% हमेशा: 31% कभी नहीं: 15% 8. पहचान का संकट प्रश्न: क्या आपको ऐसा लगा कि आपकी पसंद, करियर या शौक पीछे छूट गए हैं? हां: 42% नहीं: 55% कुछ कह नहीं सकते: 3% (या डेटा के अनुसार) 9. प्रसव का भय प्रश्न: प्रसव (डिलीवरी) को लेकर आपके मन में सबसे बड़ा डर क्या है? ऑपरेशन का डर: 45% बच्चे की सेहत का डर: 40% कोई डर नहीं: 10% खुद के जीवन का डर: 5% 10. काम से आराम प्रश्न: क्या गर्भावस्था के आखिरी महीनों में भी घर या ऑफिस के काम से पूर्ण आराम मिला? हां: 40% कुछ हद तक: 33% नहीं: 23% कह नहीं सकते: 5% 11. पेन स्केल (दर्द का पैमाना) प्रश्न: अगर 1 सबसे कम और 10 सबसे अधिक दर्द है, तो आप अपनी इस नौ महीने की यात्रा को औसतन कितना दर्दनाक रेटिंग देंगी? औसतन (Overall) रेटिंग: 7.13 लेवल 1: 2% लेवल 2: 3% लेवल 3: 14% लेवल 4: 28% लेवल 5: 50% लेवल 6: 61% लेवल 7: 34% लेवल 8: 35% लेवल 9: 32% लेवल 10: 91%


