लगातार हो रही बारिश को देखते हुए शहर में चल रहे नमामि गंगे परियोजना के कार्यों में सुरक्षा के प्रबंध के निर्देश दिए गए हैं। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने एजेंसियों को कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग करने और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा है। अधिकारी औचक निरीक्षण कर इसकी जांच भी कर रहे हैं। लापरवाही पाए जाने पर पेनाल्टी के साथ ही एजेंसी को डिबार और ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। संबंधित अधिकारी की भी जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी। एमडी ने कहा कि मानसून से पहले सभी स्थलों पर कार्य तेजी से पूरा करने की प्राथमिकता है। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को जलनिकासी की निरंतर निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बारिश होना मानसून पूर्व बरसात का एक ट्रायल रन है। जलजमाव न हो, इसके लिए बुडको सक्रिय है। जलनिकासी के लिए 364 पंप बारिश का पानी निकालने के लिए 56 स्थायी डीपीएस हैं। जहां स्थायी डीपीएस नहीं है, वैसे 35 स्थानों पर अस्थायी डीपीएस बनाए गए हैं। जलनिकासी के लिए 364 पंपों का उपयोग होगा। इनमें 265 बिजली चालित आैर 99 डीजल सेट हैं। स्थायी डीपीएस पर 256 आैर अस्थाई डीपीएस पर 83 पंप लगाए गए हैं। अंचलवार डीपीएस और पंप अजीमाबाद 7 डीपीएस 33 पंप कंकड़बाग 7 डीपीएस 46 पंप बांकीपुर 7 डीपीएस 35 पंप पाटलिपुत्र 9 डीपीएस 36 पंप नूतन राजधानी 26 डीपीएस 105 पंप लगातार हो रही बारिश को देखते हुए शहर में चल रहे नमामि गंगे परियोजना के कार्यों में सुरक्षा के प्रबंध के निर्देश दिए गए हैं। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने एजेंसियों को कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग करने और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा है। अधिकारी औचक निरीक्षण कर इसकी जांच भी कर रहे हैं। लापरवाही पाए जाने पर पेनाल्टी के साथ ही एजेंसी को डिबार और ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। संबंधित अधिकारी की भी जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी। एमडी ने कहा कि मानसून से पहले सभी स्थलों पर कार्य तेजी से पूरा करने की प्राथमिकता है। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को जलनिकासी की निरंतर निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बारिश होना मानसून पूर्व बरसात का एक ट्रायल रन है। जलजमाव न हो, इसके लिए बुडको सक्रिय है। जलनिकासी के लिए 364 पंप बारिश का पानी निकालने के लिए 56 स्थायी डीपीएस हैं। जहां स्थायी डीपीएस नहीं है, वैसे 35 स्थानों पर अस्थायी डीपीएस बनाए गए हैं। जलनिकासी के लिए 364 पंपों का उपयोग होगा। इनमें 265 बिजली चालित आैर 99 डीजल सेट हैं। स्थायी डीपीएस पर 256 आैर अस्थाई डीपीएस पर 83 पंप लगाए गए हैं। अंचलवार डीपीएस और पंप अजीमाबाद 7 डीपीएस 33 पंप कंकड़बाग 7 डीपीएस 46 पंप बांकीपुर 7 डीपीएस 35 पंप पाटलिपुत्र 9 डीपीएस 36 पंप नूतन राजधानी 26 डीपीएस 105 पंप


