भाजपा को सिर्फ क्षेत्रीय दल ही रोक सकते हैं : तेजस्वी यादव

भाजपा को सिर्फ क्षेत्रीय दल ही रोक सकते हैं : तेजस्वी यादव

पटना राजद कार्यालय पहुंचे तेजस्वी यादव ने साफ किया कि भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दल ही सबसे प्रभावी हैं। उन्होंने इंडिया ब्लॉक की एकजुटता और साझा रणनीति पर जोर दिया। राजद जल्द ही जन मुद्दों पर आंदोलन शुरू करेगा। संगठन को लेकर उन्होंने कहा कि अब प्रखंड से राज्य स्तर तक रिफॉर्म होगा। ‘छात्र राजद’ का नाम बदलकर अब ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ कर दिया गया है। तेजस्वी ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए 17 मंत्रियों को परिवारवादी बताया और टीआरई-4 के छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की। तेजस्वी के तीन प्रहार .सांगठनिक सर्जरी: परंपरागत ढांचे को बदलकर अब सक्रिय और जमीनी संगठन बनाने पर जोर। मायने : राजद चुनाव के लिए खुद को नए तेवर में तैयार कर रहा है। .परिवारवाद पर घेराबंदी : बिना सदन सदस्य बने मंत्रियों पर सवाल। मायने : भाजपा के ‘शहजादे’ वाले नैरेटिव को उन्हीं पर पलटने की कोशिश है। .सामाजिक समीकरण : अतिपिछड़ी जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया। मायने : कैबिनेट में जातीय असंतुलन को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की मंशा। नई रणनीति तेजस्वी का यह रुख स्पष्ट करता है कि राजद अब आक्रामक विपक्ष की भूमिका में आने की कोशिश कर रहा है। संगठन का नाम बदलना और “परिवारवाद’ पर भाजपा को ही घेरना एक सोची-समझी रणनीति है। जातीय संतुलन का मुद्दा उठाकर उन्होंने नीतीश कुमार के कोर वोट बैंक ‘ईबीसी’ में सेंध लगाने की कोशिश की है। तेजस्वी बेटी कात्यायनी को गोद में लेकर पहली बार राजद कार्यालय पहुंचे थे। वरीय नेता मंगनी लाल मंडल, डॉ. तनवीर हसन, शिवचन्द्र राम ने उसे टॉफी दी। इस बीच तेज आंधी-बारिश होने से राजद कार्यालय परिसर में एक पेड़ गिर गया तो तेजस्वी बेटी को गोद में लेकर अपने कमरे से बोर्ड रूम में शिफ्ट हो गए। पटना राजद कार्यालय पहुंचे तेजस्वी यादव ने साफ किया कि भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दल ही सबसे प्रभावी हैं। उन्होंने इंडिया ब्लॉक की एकजुटता और साझा रणनीति पर जोर दिया। राजद जल्द ही जन मुद्दों पर आंदोलन शुरू करेगा। संगठन को लेकर उन्होंने कहा कि अब प्रखंड से राज्य स्तर तक रिफॉर्म होगा। ‘छात्र राजद’ का नाम बदलकर अब ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ कर दिया गया है। तेजस्वी ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए 17 मंत्रियों को परिवारवादी बताया और टीआरई-4 के छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की। तेजस्वी के तीन प्रहार .सांगठनिक सर्जरी: परंपरागत ढांचे को बदलकर अब सक्रिय और जमीनी संगठन बनाने पर जोर। मायने : राजद चुनाव के लिए खुद को नए तेवर में तैयार कर रहा है। .परिवारवाद पर घेराबंदी : बिना सदन सदस्य बने मंत्रियों पर सवाल। मायने : भाजपा के ‘शहजादे’ वाले नैरेटिव को उन्हीं पर पलटने की कोशिश है। .सामाजिक समीकरण : अतिपिछड़ी जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया। मायने : कैबिनेट में जातीय असंतुलन को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की मंशा। नई रणनीति तेजस्वी का यह रुख स्पष्ट करता है कि राजद अब आक्रामक विपक्ष की भूमिका में आने की कोशिश कर रहा है। संगठन का नाम बदलना और “परिवारवाद’ पर भाजपा को ही घेरना एक सोची-समझी रणनीति है। जातीय संतुलन का मुद्दा उठाकर उन्होंने नीतीश कुमार के कोर वोट बैंक ‘ईबीसी’ में सेंध लगाने की कोशिश की है। तेजस्वी बेटी कात्यायनी को गोद में लेकर पहली बार राजद कार्यालय पहुंचे थे। वरीय नेता मंगनी लाल मंडल, डॉ. तनवीर हसन, शिवचन्द्र राम ने उसे टॉफी दी। इस बीच तेज आंधी-बारिश होने से राजद कार्यालय परिसर में एक पेड़ गिर गया तो तेजस्वी बेटी को गोद में लेकर अपने कमरे से बोर्ड रूम में शिफ्ट हो गए।  

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