जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक की क्षमता 1000 से बढ़कर 5000 यूनिट की जाए। यह निर्देश उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुई जिला विकास एवं सलाहकार समिति की बैठक में दिए। बैठक में बताया गया कि बीएमसी का स्वयं का ब्लड बैंक नहीं है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक को बीएमसी को हस्तांतरण करने के लिए दो बार पत्र भेजा लेकिन अब तक नहीं किया गया। विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा नया ब्लड बैंक ही बनाएं। इससे क्षमता बढ़ेगी। डीन ने कहा नया बनेगा तो कैथलैब नहीं बन पाएगी। पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा सागर जिले की 35 लाख आबादी है। महज 1000 यूनिट की क्षमता वाला ब्लड बैंक नाकाफी होता है। पिछले साल मेरे जन्मदिन पर 1700 यूनिट रक्त एकत्र हुआ। मजबूरी में हमीदिया या अन्य जगह भेजना पड़ता है। इस बार 20 मई को 1500 यूनिट रक्त फिर हम देंगे। बीएमसी में ब्लड बैंक न होने का परिणाम है कि 10 प्राइवेट ब्लड बैंक खुल गए। कोई एक्सपायरी बेच रहा तो कोई 4 से 7 हजार रुपए यूनिट तक में बेच रहा है। विधायक जैन ने कहा जिले का संचालन इन्हें (बीएमसी को) दे दें। पूर्व मंत्री सिंह ने प्रभारी मंत्री से कहा शुक्रवार से ही टेकओवर का आदेश दें। प्रभारी मंत्री शुक्ल ने कहा शुक्रवार से ही इसे टेकओवर करें। संचालन नहीं क्षमता महत्वपूर्ण है। जब बड़ी मात्रा में रक्त एकत्र होगा तो उसका लाभ सबको मिलेगा। 5.75 करोड़ की लागत से होगा काम जिला चिकित्सालय सागर स्थित ब्लड बैंक 5.75 करोड़ की लागत से अपग्रेड होगा। इससे यहां पर प्लाज्मा थैरेपी, सिंगल डोनर प्लेटलेट सुविधा तथा न्यूक्लिइक एसिड टेस्टिंग मशीन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हो सकेंगी।


