औरंगाबाद में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन बकाया वेतन भुगतान नहीं होने से नाराज हैं। कर्मियों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन की प्रतिलिपि श्रम अधीक्षक, सिविल सर्जन, अस्पताल उपाधीक्षक और इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष सह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को भी भेजी गई है। आज सदर अस्पताल परिसर में आयोजित बैठक में एंबुलेंसकर्मियों ने कहा कि वे पिछले 12 साल से जिले के विभिन्न अस्पतालों में एंबुलेंस सेवा के संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 100 चालक और 100 इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन कार्यरत बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ इंटक के बैनर तले आयोजित बैठक में आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई। संघ के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार टाइगर ने बताया कि वर्तमान में यह सेवा पूरे बिहार में जैन पल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से पीपी मोड में संचालित की जा रही है। औरंगाबाद में करीब 100 चालक और 100 इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन कार्यरत हैं। इसके अलावा शव वाहन चालक और सहयोगी भी इसी व्यवस्था में जुड़े हुए हैं। बकाया राशि मांगने पर नौकरी से हटाने की मिल रही धमकी कर्मियों का आरोप है कि पिछले चार महीने से कंपनी की ओर से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इससे पहले जो वेतन मिला उसमें भी कई प्रकार की कटौती कर दी गई, जिसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। जब कर्मी बकाया राशि की मांग करते हैं तो कंपनी के अधिकारी उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी देते हैं। इससे सभी कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान और आहत हैं। कई कर्मी आर्थिक संकट और तनाव के कारण अवसादग्रस्त हो चुके हैं। बैठक में कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे 24 घंटे तक लगातार ड्यूटी कराई जाती है। इसके बावजूद उन्हें न तो पीएफ की सुविधा मिल रही है और न ही ईएसआई का फायदा दिया जा रहा है। साप्ताहिक अवकाश के दिन भी उनसे काम लिया जाता है, लेकिन अतिरिक्त काम का भुगतान नहीं किया जाता। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एंबुलेंस कर्मी और टेक्नीशियन एंबुलेंसकर्मियों ने कहा कि लगातार चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मियों के घरों में आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। कर्मियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी। औरंगाबाद में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन बकाया वेतन भुगतान नहीं होने से नाराज हैं। कर्मियों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन की प्रतिलिपि श्रम अधीक्षक, सिविल सर्जन, अस्पताल उपाधीक्षक और इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष सह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को भी भेजी गई है। आज सदर अस्पताल परिसर में आयोजित बैठक में एंबुलेंसकर्मियों ने कहा कि वे पिछले 12 साल से जिले के विभिन्न अस्पतालों में एंबुलेंस सेवा के संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 100 चालक और 100 इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन कार्यरत बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ इंटक के बैनर तले आयोजित बैठक में आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई। संघ के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार टाइगर ने बताया कि वर्तमान में यह सेवा पूरे बिहार में जैन पल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से पीपी मोड में संचालित की जा रही है। औरंगाबाद में करीब 100 चालक और 100 इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन कार्यरत हैं। इसके अलावा शव वाहन चालक और सहयोगी भी इसी व्यवस्था में जुड़े हुए हैं। बकाया राशि मांगने पर नौकरी से हटाने की मिल रही धमकी कर्मियों का आरोप है कि पिछले चार महीने से कंपनी की ओर से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इससे पहले जो वेतन मिला उसमें भी कई प्रकार की कटौती कर दी गई, जिसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। जब कर्मी बकाया राशि की मांग करते हैं तो कंपनी के अधिकारी उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी देते हैं। इससे सभी कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान और आहत हैं। कई कर्मी आर्थिक संकट और तनाव के कारण अवसादग्रस्त हो चुके हैं। बैठक में कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे 24 घंटे तक लगातार ड्यूटी कराई जाती है। इसके बावजूद उन्हें न तो पीएफ की सुविधा मिल रही है और न ही ईएसआई का फायदा दिया जा रहा है। साप्ताहिक अवकाश के दिन भी उनसे काम लिया जाता है, लेकिन अतिरिक्त काम का भुगतान नहीं किया जाता। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एंबुलेंस कर्मी और टेक्नीशियन एंबुलेंसकर्मियों ने कहा कि लगातार चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मियों के घरों में आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। कर्मियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।


